जम्मू-कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनाव 2024 का ऐलान कर दिया गया है. मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार ने शुक्रवार को तारीखों का ऐलान किया. चुनाव आयुक्त ने कहा कि हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीटों के लिए 1 अक्टूबर को वोटिंग कराई जाएगी और मतगणना 4 अक्टूबर को होगी. उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को लेकर कहा कि राज्य में 18 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच तीन चरणों में चुनाव होंगे और मतगणना 4 अक्टूबर को होगी. इसी बीच लोगों के मन में प्रश्न उठने लगा है कि चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव तारीखों की घोषणा क्यों नहीं की.
इन राज्यों में भी इसी वर्ष चुनाव होने थे. लेकिन, इस प्रश्न का जवाब चुनाव आयुक्त ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही दे दिया था. जब उनसे झारखंड और महाराष्ट्र में चुनाव तारीखों की घोषणा कब की जाएगी इसको लेकर सवाल पूछा गया था उन्होंने कहा था पिछली बार हरियाणा और महाराष्ट्र में चुनाव एक साथ हुए थे, लेकिन उस समय जम्मू-कश्मीर का मामला अलग था.
चुनाव आयुक्त ने कहा कि इस साल 4 चुनाव होने हैं और एक चुनाव ठीक अगले साल की शुरुआत में हो सकता है. उन्होंने फोर्स का हवाला देते हुए कहा कि सुरक्षाबल को ध्यान में रखते हुए जरूरत के हिसाब से दो चुनाव एक साथ कराए जा रहे हैं और 2 राज्य झारखंड और महाराष्ट्र के चुनाव की घोषणा बाद में की जाएगी. साथ हुई बारिश का हवाला देते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि महाराष्ट्र में हाल ही में काफी बारिश हुई है और एक साथ कई त्योहार भी आने वाले हैं, जिसको अभी शेड्यूल नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि आगे गणेश उत्सव, पितृ पक्ष,नवरात्रि और दिवाली का त्योहार आएगा. ऐसे में इन दोनों राज्यों (महाराष्ट्र-झारखंड) में चुनाव की तारीखों का ऐलान बाद में होगा.
हरियाणा-जम्मू-कश्मीर में कब है चुनाव?
गौरतलब हो कि हरियाणा की सभी 90 विधानसभा सीट के लिए 1 अक्टूबर को मतदान कराने का निर्णय लिया गया है. वहीं मतगणना 4 अक्टूबर को कराई जाएगी. साथ ही केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में 18 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच 3 चरणों में चुनाव होंगे और मतगणना हरियाणा की तरह ही 4 अक्टूबर को होगी. चुनाव आयुक्त ने कहा कि हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए अधिसूचना 5 सितंबर को जारी होगी और नामांकन 12 सितंबर तक दाखिल किए जा सकते हैं.
जम्मू-कश्मीर की 90 सीटों पर होंगे चुनाव
हरियाणा में नाम वापसी की आखिरी तारीख 16 सितंबर होगी. वहीं जम्म-कश्मीर की बात करें तो वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को समाप्त किए जाने के बाद से यहां पहली बार विधानसभा चुनाव होने जा रहा है. चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर की 90 विधानसभा सीटों पर चुनाव कराने का ऐलान कर दिया है. राज्य में 42.6 लाख महिलाओं सहित कुल 87.09 लाख मतदाता हैं और इनके मतदान के लिए कुल 11,838 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे.