दंगाईयों को दौड़ाने वाली योगी के यूपी की वो अधिकारी कौन हैं... जिन्हें पीएम मोदी देंगे पुरस्कार

Abhishek Chaturvedi 17 Jan 2025 06:06: PM 2 Mins
दंगाईयों को दौड़ाने वाली योगी के यूपी की वो अधिकारी कौन हैं... जिन्हें पीएम मोदी देंगे पुरस्कार
  • दंगाईयों को उल्टे पांव दौड़ाया, लोगों को आदमखोर से बचाया, कौन हैं DM मोनिका रानी, जिन्हें PM मोदी देंगे पुरस्कार!
  • हरियाणा में जन्मी, दिल्ली में टीचर की नौकरी, शादी के बाद पास की सबसे कठिन परीक्षा, संघर्ष भरी है इनकी कहानी!
  • हिंदुस्तान के 787 जिले और यूपी के 75 जिलाधिकारियों में मोनिका क्यों हैं अलग, किस्सा सुन आप भी करेंगे सैल्यूट

यूपी में एक से एक तेजतर्रार और सिंघम आईएएस, आईपीएस हैं, कोई संभल से सच निकाल रहा है, तो कोई महाकुंभ के सफल आयोजन में व्यस्त है, किसी ने आजम खान का किला ढहाया तो किसी ने मुख्तार जैसे माफिया का अंत किया, लेकिन प्रधानमंत्री पुरस्कार के लिए जब लिस्ट जारी होती है, तो उसमें इनका नाम होता, बल्कि साल 2023 के बेस्ट 10 डीएम में यूपी की इकलौती डीएम मोनिका रानी का नाम है, जिन्हें पीएम मोदी सम्मान देने वाले हैं. कहा जाता है ये दिमाग से इतनी तेजतर्रार हैं, कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों की हेकड़ी निकाल देती हैं, आदमखोकर जानवर अगर ज्यादा चालाकी करे तो उसके लिए अलग रणनीति बनाती हैं.

जनता हो सुकून में देखना ही इनकी जिंदगी का लक्ष्य है, और सरकारी योजनाओं को घर-घर पहुंचाना ही मकसद. आप समझ गए होंगे कि हम नेपाल सीमा से सटे बहराइच जिले की बात कर रहे हैं, जहां की डीएम मोनिका रानी के कामों की चर्चा पीएमओ तक हो रही है, ऐसे में वो किस्सा जानना जरूरी हो जाता है, जब इन्होंने दंगाईयों को उल्टे पांव खदेड़ दिया था, हालांकि कुछ लोगों ने इनकी आलोचना भी की थी, पर वो बताएं उससे पहले सुनिए मोनिका रानी आखिर हैं कौन और इनके संघर्ष की कहानी क्या है.

कौन हैं मोनिका रानी?

  • हरियाणा के गुरुग्राम की रहने वाली मोनिका बचपन से ही IAS बनने का सपना देखती थीं
  • साल 1982 में जन्मी मोनिका की शादी 23 साल की उम्र में हो गई, पर सपना नहीं छोड़ा
  • सुबह घर का कामकाज करतीं, बच्चे को संभालतीं, फिर स्कूल में पढ़ाती, रात में खुद पढ़तीं
  • कड़ी मेहनत का नतीजा ये हुआ साल 2010 में UPSC की परीक्षा में 70वीं रैंक हासिल की
  • पहली पोस्टिंग गाजियाबाद में बतौर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मिली, फिर सहारनपुर में CDO बनीं
  • साल 2016 में पहली बार जिले की कमान मिली और चित्रकूट जिले में कई बड़े फैसले लिए
  • जिससे योगी भी काफी प्रभावित थे,नतीजा लखनऊ में यूपी इंफ्रास्ट्रक्चर विभाग का विशेष सचिव बना दिया

हालांकि बाकी अधिकारियों की तरह इनकी जिंदगी में भी कई उतार-चढ़ाव आए, फर्रुखाबाद में बतौर डीएम पोस्टिंग मिलने के बाद वेटिंग में डाल दिया गया, लेकिन अपने काम-काज से इन्होंने जनता और सरकार के दिल में ऐसी जगह बनाई कि वेटिंग के बाद सीधा यमुना प्राधिकरण की सीईओ बनीं, और फिर साल 2023 में जब भेड़िए का आतंक बहराइच में छाया हुआ था, तब इन्हें वहां की डीएम बनाकर सरकार ने भेजा, आईपीएस वृंदा शुक्ला के साथ मिलकर इन्होंने ऑपरेशन भेड़िया चलाया, आदमखोर भेड़िये के भय से लोगों को मुक्त किया, और उसके बाद जब बहराइच में दंगा हुआ तो खुद लाठी लेकर सड़कों पर उतर गईं, जिसकी तस्वीर देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में वायरल हुई.

किसी ने इन्हें सुपरवुमैन कहा तो किसी ने सिंघम IAS की उपाधि दी, पर सिर्फ इन तस्वीरों के आधार पर नहीं, बल्कि इनके पूरे कार्यकाल का मूल्यांकन करने के बाद इन्हें प्रधानमंत्री पुरस्कार देने का फैसला लिया गया है, ये देश के उन 10 तेजतर्रार जिले के डीएम की लिस्ट में शामिल हैं, जिन्हें पीएम मोदी अपने जिले में सर्वांगीण विकास के लिए पुरस्कृत करेंगे. 

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