चेन्नई: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने ISIS आतंकवादी संगठन के लिए लोगों की भर्ती करने के आरोप में एक प्रमुख आरोपी अल्फ़ाज़िथ को चेन्नई से गिरफ्तार किया है. NIA को तमिलनाडु के विभिन्न जिलों से प्रतिबंधित संगठनों में लोगों की भर्ती किए जाने की जानकारी मिली थी, जिसके बाद पिछले कुछ हफ्तों से चेन्नई और मयिलादुथुराई में छापेमारी की जा रही थी. मंगलवार सुबह 3 बजे से NIA ने चेन्नई और मयिलादुथुराई के 15 से ज्यादा स्थानों पर छापेमारी की.
इसी दौरान, अल्फ़ाज़िथ को चेन्नई के पुरसाईवक्कम इलाके में एक बहुमंजिला इमारत से गिरफ्तार किया गया. 25 वर्षीय अल्फ़ाज़िथ मयिलादुथुराई जिले का निवासी है और चेन्नई के पुरसाईवक्कम में कस्तूरी एम्बुलेंस सेवा में ड्राइवर के रूप में काम करता था. प्रारंभिक जांच में पता चला है कि वह ISIS के लिए लोगों की भर्ती करने समेत अवैध गतिविधियों में शामिल था. फिलहाल जांच जारी है.
तमिलनाडु के 20 स्थानों पर छापेमारी
इससे पहले NIA ने मंगलवार को तमिलनाडु के मयिलादुथुराई और चेन्नई के भी कई जिलों में 20 स्थानों पर छापेमारी की थी. इनमें से मयिलादुथुराई के 15 जगहों और चेन्नई के पांच जगहों पर यह छापेमारी की गई. इस छापेमारी में केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु की टीमों के साथ तमिलनाडु पुलिस भी शामिल थी. पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई प्रतिबंधित इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े स्थानों पर की गई थी.
तंजावुर, तिरुचि में भी हुई थी कार्रवाई
NIA ने इससे पहले भी तमिलनाडु के तंजावुर, तिरुचि, कोयंबटूर और मदुरै जैसे स्थानों पर PFI के खिलाफ छापेमारी की थी. इस कार्रवाई का संबंध 2019 में तंजावुर में पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) नेता रामलिंगम की हत्या से है. रामलिंगम की हत्या PFI के सदस्यों द्वारा वंचित समुदायों के बीच जबरन धर्म परिवर्तन का विरोध करने पर की गई थी. NIA ने पहले इस मामले में 18 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था.