नई दिल्ली: लखनऊ जेल इन दिनों सुर्खियों में बनी हुई है, जहां समाजवादी पार्टी के पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति पर एक कैदी ने अचानक हमला बोल दिया. इस घटना में गायत्री का सिर चोटिल हो गया और उन्हें 12-13 टांके लगाने पड़े. अभी उनका इलाज केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत स्थिर बताई है. हमलावर की पहचान विश्वास राजपूत के रूप में हुई है, जो लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के मोअज्जम नगर का निवासी है.
विश्वास तीन साल पहले 19 साल की उम्र में ही आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के मामले में जेल पहुंचा था, लेकिन घटना में घायल व्यक्ति की मौत हो जाने के बाद यह मुकदमा धारा 302 (हत्या) में बदल गया. विश्वास के पिता सत्यप्रकाश हैं और वह अभी भी इस केस में अंडर ट्रायल कैदी है. मूल घटना 28 मार्च 2022 की है, जब विश्वास ने अपने दोस्त अब्दुल अजीज के साथ मिलकर सआदतगंज के एक दुकानदार जमील अहमद के बेटे पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया था. वजह यह थी कि अब्दुल उसी दुकान पर काम करता था और उसने चोरी की कोशिश की, जिस पर जमील ने उसे डांटा.
गुस्से में दोनों ने दुकान मालिक के बेटे को निशाना बनाया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और इलाज के दौरान उसकी जान चली गई. इस मामले में विश्वास और अब्दुल दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. गायत्री पर हमले के बाद विश्वास के खिलाफ अलग से कार्रवाई शुरू हो चुकी है. जेल के अंदर यह हमला कैसे हुआ, इसकी वजह भी साफ हो गई है.
विश्वास 4 अक्टूबर से जेल के अस्पताल में भर्ती था और वहां मेज-कुर्सी की सफाई जैसे छोटे-मोटे काम करता था. मंगलवार शाम को गायत्री ने उनसे पानी मांगा, लेकिन देरी हो गई. इससे नाराज होकर पूर्व मंत्री ने विश्वास को गाली दे दी, जिससे वह भड़क गया. गुस्से में उसने अलमारी की स्लाइडिंग रॉड उठाई और गायत्री के सिर पर जोरदार प्रहार कर दिया. इस चोट से गायत्री का सिर फट गया और खून बहने लगा. जेल प्रशासन ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया. पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और विश्वास की हरकत पर सख्ती बरत रही है.