नई दिल्ली: 2019 बैच की असम सिविल सेवा (ACS) अधिकारी नूपुर बोरा को अवैध जमीन हस्तांतरण और आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. अधिकारी पर कई प्रकार से भ्रष्टाचार और घोटाले के आरोप लगे हैं. मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, बोरा कामरूप जिले के गोराईमारी में सर्कल ऑफिसर के पद पर कार्यरत थीं. इसी बीच मुख्यमंत्री के सतर्कता प्रकोष्ठ ने उनके गुवाहाटी स्थित आवासों पर छापा मारा.
एसपी रोजी कलिता ने पुष्टि की कि छापेमारी में लगभग 1 करोड़ रुपए नकद, साथ ही लाखों रुपए के हीरे और आभूषण बरामद हुए. यह कार्रवाई उन शिकायतों के बाद की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि बोरा बेहिसाब संपत्ति जमा कर रही रही हैं. जांचकर्ताओं ने उन्हें बारपेटा जिले में संदिग्ध जमीन लेनदेन मामले में भी आरोपी बनाया है. फिलहाल अधिकारियों के द्वारा आरोपी बोरा से पूछताछ की जा रही है.
उधर, CM हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में राजस्व हलकों में भ्रष्टाचार की ओर इशारा करते हुए कहा कि सरकार को सूचना मिली थी कि यह अधिकारी बारपेटा में तैनाती के दौरान हिंदुओं की जमीन दूसरे समुदाय को हस्तांतरित कर रही थी. वह पिछले छह महीनों से हमारे रडार पर थी.
हालांकि, पुलिस का कहना है कि इस चकाचौंध के पीछे वह अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति जमा कर रही थी. बोरा के पास गुवाहाटी के गोटानगर इलाके में दो अपार्टमेंट हैं, जबकि जांचकर्ताओं ने बारपेटा में उसके कथित साथी सुरजीत डेका से जुड़ी संपत्तियों की भी तलाशी ली. यह गिरफ्तारी असम कैबिनेट द्वारा जनसांख्यिकीय परिवर्तनों और राष्ट्रीय सुरक्षा पर चिंताओं का हवाला देते हुए अंतर-धार्मिक भूमि लेनदेन के लिए पुलिस मंजूरी की आवश्यकता वाले एक नए एसओपी को मंजूरी देने के कुछ दिनों बाद हुई है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी राज्य की अपनी हालिया यात्रा के दौरान असम के जनसांख्यिकीय संतुलन के लिए अवैध आव्रजन के खतरे के बारे में चेतावनी दी थी. एसपी कलिता ने कहा कि यह सतर्कता प्रकोष्ठ में दर्ज 25वां मामला है. जांच जारी है, और हम और नकदी और संपत्ति बरामद कर सकते हैं.