नई दिल्ली: देश के मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार का कार्यकाल 18 फरवरी को समाप्त हो रहा है. ऐसे में अब सवाल ये उठने लगे हैं कि इस जिम्मेदारी को अब कौन उठाएगा? कौन है जो देश में निष्पक्ष चुनाव कराएगा. इस पद की रेस में यूं तो कई नाम अभी से हैं. लेकिन ये जिम्मेदारी आखिरकार किसे मिलने वाली है और मुख्य चुनाव आयुक्त चुनने के लिए किसकी पसंद पर आखरी मोहर लगेगी? ये सारे सवाल अभी से उठने लगे हैं. दरअसल, दिल्ली का चुनाव भी फरवरी की शुरूआत में इसी वजह से कराया गया था क्योंकि राजीव कुमार का कार्यकाल खत्म होने वाला था. ऐसे में उनके उत्तराधिकारी की तलाश भी तेज हो चुकी है. फिलहाल इस रेस में दो नाम सबसे आगे दिखाई दे रहे हैं.
पहले नंबर पर हैं ज्ञानेश कुमार: राजीव कुमार के बाद ज्ञानेश कुमार सबसे वरिष्ठ निर्वाचन आयुक्त हैं. इनका कार्यकाल भी अभी 26 जनवरी, 2029 तक है.
सुखबीर सिंह संधू: सुखबीर सिंह संधू दूसरे निर्वाचन आयुक्त हैं. राजीव कुमार के बाद इनको भी मुख्य चुनाव आयुक्त बनाया जा सकता है.
हालांकि अब तक के मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति का इतिहास रहा है कि वरिष्ठतम निर्वाचन आयुक्त को ही प्रमोशन देकर CEC बनाया जाता है. लेकिन ये इतना आसान नहीं है. क्योंकि इससे पहले कई और काम भी सरकार को करने पड़ते हैं. ज्ञानेश कुमार और सुखबीर सिंह संधू फिलहाल चुनाव आयुक्त के रूप में काम कर रहे हैं. दोनों ही 1988 बैच के रिटायर्ड आईएएस हैं. लेकिन केरल कैडर के ज्ञानेश कुमार संधू से सीनियर हैं.
नए CEC की नियुक्ति कैसे होगी
पहले इस समिति में CJI यानि कि चीफ जस्टिस को भी शामिल किया जाता था. लेकिन बाद में सीजेआई को इस समिति से अलग कर दिया गया. प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति को एक विशेष अधिकार भी है. PM अगर चाहें तो प्रस्तावित 5 नामों से अलग किसी और को भी मुख्य चुनाव आयुक्त बना सकते हैं. क्योंकि इन्हें उम्मीदवार के नाम का प्रस्ताव राष्ट्रपति के पास भेजना होता है और जिस नाम पर राष्ट्रपति की मुहर लगती है मुख्य चुनाव आयुक्त वही बनता है. ऐसे में ये देखना काफी दिलचस्प होगा कि देश का अगला CEC कौन बनेगा?