फ्रांस के एवियन शहर में 16-17 जून 2026 को आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भाग लेंगे। फ्रांस की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में रूस-यूक्रेन युद्ध, होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी और ऊर्जा सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है।
जी-7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी आज कनाडा के प्रधानमंत्री, यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री तथा संयुक्त अरब अमीरात के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इन बैठकों में व्यापार, सुरक्षा और राजनीतिक सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा हो सकती है।
इसके अलावा, लगभग डेढ़ वर्ष बाद 17 जून 2026 को प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच भी बैठक होने की संभावना है। इस बैठक में व्यापार, निवेश, रक्षा, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। दोनों नेताओं की आखिरी मुलाकात जनवरी 2025 में हुई थी।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आठवीं बार आमंत्रित देश के रूप में जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग ले रहा है। फ्रांस की अगुवाई में आयोजित इस सम्मेलन में आमंत्रित देशों में भारत, ब्राज़ील, दक्षिण कोरिया और यूक्रेन शामिल हैं।
जी-7 समूह में फ्रांस, कनाडा, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं। जी-7 समूह का गठन 1970 की शुरूआत में जी4 के रूप में हुआ था ,1976 में जी7 का गठन हुआ।