नई दिल्ली : G7 शिखर सम्मेलन के दौरान एक ऐसा क्षण देखने को मिला, जिसने वैश्विक कूटनीति और भारत-अमेरिका संबंधों पर फिर से चर्चा तेज कर दी. सम्मेलन स्थल पर जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी सीट से उठकर उनका स्वागत करते और हाथ मिलाते नजर आए. यह दृश्य कुछ ही मिनटों में अंतरराष्ट्रीय मीडिया और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल औपचारिक अभिवादन नहीं, बल्कि भारत और अमेरिका के बीच लगातार मजबूत होते रणनीतिक संबंधों का प्रतीक भी है. पिछले कुछ वर्षों में रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को लेकर दोनों देशों के बीच साझेदारी काफी गहरी हुई है. वैश्विक चुनौतियों, आपूर्ति श्रृंखला, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी दोनों देश लगातार संवाद बनाए हुए हैं.
G7 जैसे महत्वपूर्ण मंच पर मोदी और ट्रंप की गर्मजोशी से हुई मुलाकात ने यह संकेत दिया कि भारत आज वैश्विक राजनीति और कूटनीति के केंद्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है. अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की बढ़ती भूमिका और अमेरिका के साथ उसके संबंध आने वाले समय में वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कारकों में शामिल रहेंगे.