CDS controversy India: चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान के सिंगापुर वाले बयान पर लगातार सियासी घमासान मचा हुआ है. कांग्रेस नेता जयराम नरेश ने सीडीएस के बयान को आधार बनाते हुए कहा है कि ये बहुत गंभीर है, इस पर चर्चा होनी चाहिए, इसके अलावा जयराम नरेश ने ये भी कहा है कि पहले रक्षा मंत्री को राजनीतिक दलों को बताना चाहिए था कि कितना नुकसान हुआ है, उसके बाद सैन्य अधिकारी का बयान आना चाहिए था.
अनिल चौहान ने क्या कहा?
अनिल चौहान सिंगापुर पहुंचे थे जहां उन्होंने शांग्री-ला डायलॉग सिक्योरिटी समित में इंटरव्यू दिया था, जिस दौरान उन्होंने पहली बार इस बात को स्वीकार किया था कि पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में भारतीय लड़ाकू विमानों के भी नुकसान हुआ है, हालांकि सीडीएस चौहान ने ये नहीं बताया कि नुकसान बड़ा है या छोड़ा या कितना नुकसान हुआ है, उन्होंने कहा कि ये आंकड़े जरूरी नहीं हैं, जरूरी ये है कि हमने उसके बाद क्या किया?
इस बयान के बाद से ही कांग्रेसी बीजेपी के ऊपर हमलावर हो गई है, नरेश ने खड़गे के सुर में सुर मिलाए हैं, उन्होंने कारगिल रिव्यू कमेटी की तरह एक्सपर्ट कमेटी के द्वारा भारतीय रक्षा तैयारियों की समीक्षा की मांग को दोहराया है.
हमें सिंगापुर के बयानों का इंतजार क्यों करना पड़ा?
जयराम नरेश ने कहा है कि हमें सिंगापुर के बयानों का इंतजार क्यों करना पड़ा है? जनरल चौहान ने जो मुद्दे उठाए वो काफी अहम हैं और देश की हर नीति पर असर भी डालते हैं, इसके साथ ही नरेश ने मांग उठाई कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद जो सर्वदलीय बैठक हुईं उनमें रक्षा मंत्री को ये जानकारी देनी चाहिए थी. ये ज्यादा अच्छा होता अगर कि सीडीएस की जगह ये बातें रक्षा मंत्री ने बताई होतीं. इसके अलावा नरेश ने मांग उठाई कि पीएम मोदी खुद सर्वलीय बैठक बुला कर उसकी अध्यक्षता करें, संसद में विशेष सत्र बुलाया जाए, क्योंकि चीफ ऑफ डिफेंस का बयान हमारी मांगों को और भी प्रासंगिक बनाता है.