नई दिल्ली: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर आयोजित समारोह से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अनुपस्थित रहे. पिछले वर्षों की तरह इस बार भी दोनों नेताओं ने कार्यक्रम से दूरी बनाई. सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्रालय ने कांग्रेस के बड़े नेताओं से संपर्क कर एक लिस्ट भेजी थी.
इसमें यूपीए सरकार के दौरान पूर्व विपक्षी नेताओं जैसे सुषमा स्वराज और अरुण जेटली को ऐसे कार्यक्रमों में दी गई बैठने की व्यवस्था का जिक्र था. सरकार का तर्क था कि उसी प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है. हालांकि, कांग्रेस नेता इस तर्क से सहमत नहीं हुए और कार्यक्रम में शामिल होने से इनकार कर दिया. सूत्रों ने बताया कि राहुल गांधी और खरगे दोनों ‘गलत प्रोटोकॉल’ की वजह से समारोह से दूर रहे. बैठने की व्यवस्था और अन्य सेरेमोनियल प्रोटोकॉल उनकी पोजीशन के हिसाब से नहीं थे.
इस बार उन्हें दूसरी या तीसरी लाइन में सीट अलॉट की गई थी, जबकि वेन्यू तक पैदल जाना भी मुश्किल बताया गया. साल 2024 में भी विवाद हुआ था जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को आखिरी से दूसरी लाइन में बैठाया गया था, जबकि नेता प्रतिपक्ष को कैबिनेट रैंक का दर्जा हासिल है. उसके बाद से कांग्रेस नेताओं ने ऐसे कार्यक्रमों से दूरी बनानी शुरू कर दी.
इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में तिरंगा फहराया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सुनना और सवालों के जवाब देना जरूरी है. समारोह में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे.