नई दिल्ली: शुक्रवार दोपहर पुणे के दौंड तहसील के यवट गांव में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दो समूहों के बीच हिंसक झड़प हो गई, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़कर उग्र भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा. पुलिस ने बताया कि एक समुदाय के एक युवक ने ऑनलाइन आपत्तिजनक पोस्ट शेयर की थी, जिसकी खबर मीडिया की ओर से दी गई. इसके बाद तुरंत हिंसा भड़क उठी, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने संपत्ति को नुकसान पहुंचाया, पत्थरबाजी की और एक मोटरसाइकिल में आग लगा दी.
एक पुलिस अधिकारी ने पत्रकारों को बताया, "एक भीड़ ने दूसरे समुदाय की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया और हिंसक हो गई. स्थिति को नियंत्रित करने और व्यवस्था बहाल करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा." उन्होंने कहा कि पोस्ट अपलोड करने वाले युवक को हिरासत में ले लिया गया है.
क्षेत्र में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल ने गांव का दौरा किया और निवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की. गिल ने कहा, "हम स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं. मैं सभी से अफवाहें फैलाने से बचने की अपील करता हूं."
दावा किया जा रहा है कि 26 जुलाई को नीलकंठेश्वर मंदिर में स्थापित शिवाजी महाराज की प्रतिमा को किसी ने खंडित कर दिया. इस वजह से पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया. घटना के विरोध में भाजपा विधायक गोपीचंद ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और यवत गांव में प्रदर्शन मार्च निकाला.
इसके अगले ही दिन सोशल मीडिया पर एक विवादित फोस्ट वायरल हुआ. पोस्ट देखकर लोग और भड़क गए. भीड़ ने दूसरे समुदाय के लोगों की संपत्तियों को निशाना बनाया और मस्जिद पर पत्थर फेंके.