'इच्छाधारी राजनीति' में फंसी कांग्रेस, सुप्रिया श्रीनेत ने प्रभु श्रीराम को बताया इमाम-ए-हिंद, मचा घमासान  

Abhishek Chaturvedi 02 Jul 2026 12:28: PM 2 Mins
'इच्छाधारी राजनीति' में फंसी कांग्रेस, सुप्रिया श्रीनेत ने प्रभु श्रीराम को बताया इमाम-ए-हिंद, मचा घमासान   

प्रभु श्रीराम को जो कांग्रेस काल्पनिक बताती थी, वो राम मंदिर चंदा चोरी पर खूब सवाल उठा रही है, अब सवाल उठाना गलत नहीं है, लेकिन कहते हैं कई बार आप अपने स्वभाव के विपरीत काम करते हैं, तो ज्यादा देर तक टिक नहीं पाते, और यही हाल कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत का हुआ, जो प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राम मंदिर चंदा चोरी पर खूब सवाल पूछती हैं, लेकिन इसी दौरान वो प्रभु श्रीराम को इमाम-ए-हिंद कहकर संबोधित करती हैं, जिस पर छत्तीसगढ़ बीजेपी ने पोस्ट कर पूछा

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने प्रभु श्रीराम को "इमाम-ए-हिंद" कह कर ना सिर्फ भगवान श्रीराम का अपमान किया है, बल्कि पूरे सनातनियों के धार्मिक भावनाओं का अपमान किया है.

हमने जब गूगल पर ये सर्च करने की कोशिश की इससे जुड़ी दो जानकारियां सामने आई, पहला पोस्ट अंकित भदौरिया नाम के व्यक्ति का था, जिसमें लिखा था सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता हमारा लिखने वाले इकबाल राम को भगवान नहीं मान सकते थे, इसलिए उन्होंने इन्हें इमाम-ए-हिंद कहा, जिसका मतलब है श्रीराम का आदर्श समूचे हिंदुस्तान को सच्चाई और नेकी का रास्ता दिखा रहा है.

जबकि गूगल पर सर्च की गई जानकारी से पता चलता है इमाम-ए-हिंद का मतलब मार्गदर्शक, नेता या नमाज का नेतृत्व करने वाला होता है, अब जो तीसरा शब्द है, इसी को लेकर हंगामा मचा है, लोग पूछ रहे हैं कि क्या तुष्टिकरण की सियासत के चक्कर में सुप्रिया श्रीनेत ने प्रभु श्रीराम के लिए इमाम-ए-हिंद शब्द का इस्तेमाल किया, क्या कांग्रेस की इच्छाधारी राजनीति जो चुनाव के वक्त जागती है, उससे मुस्लिम वोटबैंक नाराज न हो जाए, इसके लिए समय-समय पर ऐसे शब्दों का प्रयोग कांग्रेस के लिए जरूरी हो जाता है.

क्योंकि योगी आदित्यनाथ तो लंबे वक्त से खुलकर कह रहे हैं जो भी सवाल उठा रहे हैं, इनकी असलियत जनता जानती है, कांग्रेस राज में भगवान राम को कैसे कोर्ट में काल्पनिक बताया गया, सपाराज में कैसे रामभक्तों पर गोलियां चली ये कोई भूला नहीं है, पर अब राम को इमाम-ए-हिंद बताकर सुप्रिया श्रीनेत ने नई बहस छेड़ दी है...हालांकि वो उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम भी कहती हैं, पर सारी कहानी इसी बात पर अटक गई हैं, वो ये भी कहती हैं ये सनातनियों का अपमान है, 40 दिन में 70 चोरियां हुईं, 5 साल में कितनी हुई, नरेन्द्र मोदी इस डकैती पर चुप क्यों हैं ? ट्रस्ट भंग होना चाहिए

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