पुणे: लोहागढ़ किले से प्रेमी के कथित तौर पर धक्का देकर हत्या किए जाने वाले मामले में पुलिस ने कोर्ट में बड़ा खुलासा किया है. पुणे पुलिस ने मुख्य आरोपी सिया गोयल पर पॉलीग्राफ टेस्ट (झूठ डिटेक्टर) कराने की अनुमति मांगी है. पुलिस ने कोर्ट को बताया कि केतन अग्रवाल को किनारे से किसने धक्का दिया, इसकी पुष्टि करने वाला कोई प्रत्यक्षदर्शी या निष्कर्षात्मक सबूत (conclusive evidence) नहीं है. सिर्फ आरोपीयों के बयानों के आधार पर आगे जांच नहीं बढ़ पा रही है.
18 जून को पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले की चोटी से धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया गया था. केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ वहां गए थे. पुलिस के अनुसार, सिया ने अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर यह साजिश रची. दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और फिलहाल 3 जुलाई तक पुलिस हिरासत में हैं. दोनों के बयान दर्ज हो चुके हैं, लेकिन पुलिस को और मजबूत लीड्स चाहिए. इसलिए कोर्ट से सिया पर लाई-डिटेक्टर टेस्ट की इजाजत मांगी गई है.
इससे पहले पुलिस ने क्राइम सीन का रीक्रिएशन किया, पहले सिया के साथ, फिर चेतन के साथ. डमी का इस्तेमाल कर गिरने का सीन दोहराया गया. केतन का मोबाइल फोन घटना के बाद कुछ समय तक सिया के पास था. पुलिस शक है कि उसमें कोई सबूत डिलीट या छेड़छाड़ तो नहीं की गई. फॉरेंसिक जांच चल रही है.
पॉलीग्राफ टेस्ट के नतीजे अदालत में मुख्य सबूत नहीं माने जाते, लेकिन जांच को नई दिशा देने में मददगार साबित हो सकते हैं. केतन और सिया की शादी नवंबर में तय थी. इस पूरे मामले ने पूरे देश में सनसनी मचा रखी है. कोर्ट अब पुलिस की अर्जी पर फैसला करेगा.