अविनाश शुक्ला के घर से मिले अब 1 हजार डॉलर, 400 सुरक्षाकर्मियों की भी खंगाली जा रही डिटेल

Abhishek Chaturvedi 02 Jul 2026 12:07: PM 3 Mins
अविनाश शुक्ला के घर से मिले अब 1 हजार डॉलर, 400 सुरक्षाकर्मियों की भी खंगाली जा रही डिटेल

चंपत राय और अनिल मिश्रा क्या आजीवन राम मंदिर ट्रस्ट में रहेंगे, क्या उन्होंने इस्तीफा दिया है, वो सिर्फ जनता के आक्रोश को शांत करने के लिए है, जो लोग कह रहे हैं बड़ी मछलियों को बचाया जा रहा है, क्या उस बात में सच्चाई है, एसआईटी ने करीब तीन घंटे तक चंपत राय से फिर से पूछताछ की है, और उन्होंने ये गलती स्वीकारी है कि मैंन समय पर जांच नहीं करवाई, जबकि दूसरी तरफ बिहार के एक पूर्व सांसद की सुरक्षा एजेंसी भी जांच के घेरे में बताई जा रही है. ये वो प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी है, जिसने निजी सिक्योरिटी गार्ड राम मंदिर की सुरक्षा के लिए दिए थे, करीब 12 करोड़ रुपये सालाना 400 सिक्योरिटी गार्ड के लिए ट्रस्ट खर्च करता था, जिनकी कुंडली अब एसआईटी की टीम खंगाल रही है, यानि जांच धीरे-धीरे नए एंगल पर जाती दिख रही है...

उधर पहले से गिरफ्तार किए गए आठों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, उन्होंने पूछताछ में ये खुलासा किया है कि बाथरूम में कैश छिपाकर फिर बाद में बाहर ले या जाता था.. जिसका सीधा सा मतलब है कि आरोपियों का जीवन तो अब जेल में बीतेगा, पर बाकी लोगों का क्या होगा...इसे जानने के लिए नया नियम समझना होगा.. आपको याद होगा हिंदुस्तान के संविधान के मुताबिक कई फैसले मोदी सरकार भी मजबूरी में नहीं ले पाती, क्योंकि वहां दो तिहाई बहुमत का नियम आड़े आ जाता है, और आज तक अपनी रिपोर्ट में दावा करता है कि

  • राम मंदिर ट्रस्ट के किसी भी पदाधिकारी को पद से हटाने के लिए दो तिहाई बहुमत चाहिए
  • 6 जुलाई को जो बैठक ट्रस्ट ने बुलाई है, वहां चंपत राय के इस्तीफे पर वोटिंग हो सकती है
  • फिलहाल ट्रस्ट में 15 सदस्य हैं, तो चंपत राय-अनिल मिश्रा के खिलाफ वोट पड़े तो पद छीनेगा
  • लेकिन राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य से वो नहीं हटेंगे, क्योंकि ट्रस्ट का बॉयलॉज यही कहता है
  • बॉयलॉज के मुताबिक पद और दायित्व छीन सकता है, लेकिन सदस्यता बरकरार रहेगी 

लेकिन सवाल ये है कि अगर चंपत राय पर चोरों का साथ देने के इल्जाम हैं, तो फिर वो ट्रस्ट में कैसे रह सकते हैं, 1600 सीसीटीवी कैमरों की निगरानी का काम जिस रेडियो ऑपरेशन अधिकारी अर्जुन देव को मिला था, उस पर भी एसआईटी की नजर है, पर इसी बीच उसके तबादले की ख़बर भी सामने आई है, दावा ये किया जा रहा है कि उसका तबादला अब गोरखपुर किया गया है, तो फिर ये कैसा एक्शन है...बीजेपी के राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी कहते हैं दोषियों को राजदंड और धर्मदंड दोनों मिलेगा...

यही बात विपक्ष के नेता भी दोहरा रहे हैं, चूंकि आरोपी अविनाश शुक्ला से घर से अब 1 हजार डॉलर भी बरामद हुए हैं, इसलिए विदेशी श्रद्धालुओं के बीच भी ये ख़बर अब चर्चा का विषय बन गया है, हिंदुस्तान के भक्तों का रुपया-पैसा और सोना-चांदी तो गायब हुआ ही, विदेशी डॉलर भी आरोपियों ने नहीं छोड़ा, जो बक्सा एसआईटी को अविनाश के योग सेंटर से मिला है, उस पर राम राज्य कोष लिखा था, उस पर बकायदा क्यूआर कोड भी चिपका था, उसी बक्से में चोरी की रकम रखी जाती थी, तो क्या ऑनलाइन पेमेंट में भी किसी तरीके की कोई धोखाधड़ी हुई है, इस सवाल ने भी एसआईटी को सोचने पर मजबूर कर दिया है...कहानी उतनी नहीं है, जितनी मीडिया में दिखाई जा रही है, बल्कि बात उससे भी बड़ी नजर आती है...जांच की आंच कहां तक पहुंचेगी, और कौन-कौन जेल जाएगा, पैसा कहां से कहां तक पहुंचा है, इसकी पूरी कुंडली योगी आदित्यनाथ की बनाई गई एसआईटी खंगाल रही है, और योगी आदित्यनाथ विपक्षी नेताओं पर रामभक्त बनने के नाटक करने का आरोप लगा रहे हैं, वो जनता को आश्वस्त करना चाहते हैं कि हर दोषी को दंड मिलेगा, पर कब तक ये सवाल सबसे बड़ा है. अयोध्या के वकीलों की ओर से दिया गया तीन दिन का अल्टीमेटम भी पूरा होने वाला है, तो चंपत राय क्या नियम कानून से परे हटकर स्वेच्छा से अयोध्या छोड़ देंगे या फिर गोपाल राव जैसे अभी आरती में हिस्सा ले रहे हैं, वैसा ही चलता रहेगा...

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