कैलिफोर्निया: पूर्व पेप्सिको सीईओ इंदिरा नूयी ने भारत को लेकर एक बार फिर चौंकाने वाले बयान दिए हैं. एक इंटरव्यू में भारतीय मूल की इस दिग्गज महिला उद्योगपति ने कहा कि अगर वे भारत में रहतीं तो कभी इतनी बड़ी कंपनी की सीईओ नहीं बन पातीं. उन्होंने भारत को ‘अव्यवस्थित और गंदा’ बताया, जबकि चीन की तारीफ करते हुए उसे ज्यादा व्यवस्थित और सुविधाजनक करार दिया.
हूवर इंस्टीट्यूशन के विशेष इंटरव्यू में नूयी ने कहा, “एक अप्रवासी बिना कुछ लिए अमेरिका आकर प्रतिष्ठित कंपनी का CEO बन जाता है... ऐसा दुनिया के किसी और देश में, यहां तक कि भारत में भी संभव नहीं था.” नूयी ने पर्यटक के नजरिए से दोनों देशों की तुलना करते हुए कहा कि चीन काफी हद तक ‘सजातीय’ (Homogeneous) और व्यवस्थित है, जबकि भारत पूरी तरह से ‘अराजक’ (Chaotic) है.
उन्होंने आगे कहा, “अगर आपको साफ-सुथरी और व्यवस्थित जिंदगी पसंद है, तो भारत में रहना आपके लिए नामुमकिन होगा. भारत की खूबसूरती उसकी अव्यवस्था में ही है.” उन्होंने सड़कों पर गायों के घूमने का उदाहरण देते हुए कहा कि जो लोग सिर्फ सफाई और व्यवस्था चाहते हैं, उनके लिए भारत को समझना मुश्किल है. नूयी ने अमेरिका की मेरिटोक्रेसी (योग्यता-आधारित व्यवस्था) की सराहना करते हुए कहा कि यही वजह है कि वे इस मुकाम तक पहुंच सकीं. साथ ही उन्होंने भारत के लोकतंत्र की तुलना चीन के सेंट्रलाइज्ड सिस्टम से की.
उन्होंने माना कि चीन ने तेजी से विकास किया, लेकिन भारत का लोकतंत्र धीमी प्रगति के बावजूद अपनी ताकत रखता है. तमिलनाडु के चेन्नई में जन्मी इंदिरा नूयी पेप्सिको की पूर्व चेयरपर्सन और सीईओ रह चुकी हैं. वे भारतीय मूल की सबसे सफल बिजनेस लीडर्स में शुमार हैं. नूयी के इन बयानों ने सोशल मीडिया पर तीखी बहस छेड़ दी है. कई लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं, तो कुछ उनकी खुलकर बात कहने की तारीफ भी कर रहे हैं.