नई दिल्ली: रविवार को श्रीनगर एयरपोर्ट पर सुरक्षा अधिकारियों ने दो अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में ले लिया. उनके सामान की रूटीन चेकिंग के दौरान भारत में प्रतिबंधित एक सैटेलाइट फोन बरामद हुआ. इन दोनों व्यक्तियों से एयरपोर्ट सुरक्षा अधिकारियों ने पूछताछ की और बाद में उन्हें आगे की जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया गया.
दोनों में से एक व्यक्ति की पहचान मॉन्टाना के रहने वाले जे ऑफरी स्कॉट के रूप में की गई है. अधिकारियों ने बताया कि उनके सामान से गार्मिन कंपनी का बना सैटेलाइट फोन बरामद किया गया. भारत में बिना सरकारी अनुमति के सैटेलाइट फोन रखना या इस्तेमाल करना पूरी तरह प्रतिबंधित है. थुराया और इरिडियम जैसे सैटेलाइट फोन सख्त नियमों के दायरे में आते हैं.
बिना अनुमति के इनके कब्जे में होने पर भारतीय टेलीग्राफ एक्ट और अन्य सुरक्षा कानूनों के तहत हिरासत, गिरफ्तारी और उपकरण जब्त किए जा सकते हैं. सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार, यात्रियों को भारत में सैटेलाइट संचार उपकरण लाने या इस्तेमाल करने से पहले दूरसंचार विभाग से लिखित अनुमति लेनी जरूरी है.
भारत में सुरक्षा कारणों से टेलीकॉम संबंधी सख्त पाबंदियां लागू हैं. विदेशी नागरिकों के साथ-साथ भारतीय नागरिक भी पहले सैटेलाइट कम्युनिकेटर रखने के आरोप में कार्रवाई का सामना कर चुके हैं. पिछले साल मई में, एक अमेरिकी नेत्र विशेषज्ञ को पुडुचेरी एयरपोर्ट पर इरिडियम सैटेलाइट फोन मिलने पर रोक लिया गया था.
उन्हें हैदराबाद जाने वाली फ्लाइट में चढ़ने नहीं दिया गया और पुलिस जांच शुरू की गई. इससे पहले भी देश के विभिन्न एयरपोर्ट और होटलों में विदेशी नागरिकों को अनधिकृत सैटेलाइट डिवाइस रखने के मामले में हिरासत में लिया गया है, जिसमें एक चीनी नागरिक और एक ब्रिटिश कार्यकारी शामिल हैं.
ऐसे उल्लंघनों पर अंकुश लगाने के लिए, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 30 जनवरी 2025 को भारत में उड़ान भरने वाली सभी एयरलाइंस को निर्देश दिया था कि वे यात्रियों को इन-फ्लाइट घोषणाओं, विदेशी कार्यालयों और बोर्डिंग सामग्री के माध्यम से इस प्रतिबंध की जानकारी दें. विदेशी सरकारों ने भी इस पर ध्यान दिया है.
अमेरिका और ब्रिटेन द्वारा जारी ट्रैवल एडवाइजरी में अपने नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि भारत में सैटेलाइट फोन या समान GPS डिवाइस ले जाने पर 2 करोड़ रुपए तक का भारी जुर्माना, उपकरण जब्ती या गिरफ्तारी हो सकती है.