नई दिल्ली: बागपत जिले के निवाड़ा गांव की एक महिला ने खुलासा किया कि 24 अक्टूबर 2024 को मेरठ के खिवाई गांव निवासी दानिश से उसकी शादी हुई थी. शादी के कुछ दिनों बाद ही उसे मालूम पड़ा कि पति शराब पीने और जुआ खेलने का शौकीन है. महिला के अनुसार, दहेज में कम सामान लाने की वजह से ससुराल वाले उसे आए दिन तंग करते थे.
महिला ने बताया कि एक बार पति दानिश जुए में हार गया, तो उसने उसे ही दांव पर रख दिया. हारने के बाद कथित तौर पर आठ व्यक्तियों ने उसके साथ बारी-बारी से दुष्कर्म किया. इनमें से तीन की पहचान उमेश गुप्ता, मोनू और अंशुल के रूप में हुई, जो गाजियाबाद के बताए जा रहे हैं. परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई. पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद उसके जेठ शाहिद और ननदोई शौकीन ने भी उसके साथ बलात्कार किया.
सबसे गंभीर इल्जाम ससुर यामीन पर है, जो दहेज का बहाना बनाकर बार-बार जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाता था. घरवाले कहते थे- 'दहेज नहीं लाई तो हर हुक्म मानना होगा और हमें संतुष्ट रखना पड़ेगा.' महिला ने दावा किया कि गर्भधारण करने पर परिवार ने जबरन गर्भपात कराया. पैरों पर एसिड डाला गया और जान से मारने के इरादे से नदी में धकेल दिया गया.
किसी तरह जान बचाकर वह मायके पहुंची, जहां परिवार ने सहारा दिया. पीड़िता के मुताबिक, आरोपी उसके पिता पर केस वापस लेने का दबाव डाल रहे हैं. वह एसपी दफ्तर पहुंची और इंसाफ की गुहार लगाई. बागपत पुलिस ने सोशल मीडिया पर सूचना दी कि बिनोली थाने में मुकदमा दर्ज हो चुका है, जांच चल रही है और सख्त एक्शन लिया जाएगा.