नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा देने की संभावना को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं जोरों पर हैं. यह हलचल तब शुरू हुई, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लगातार दो दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इसके अलावा, अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर के कुछ नेताओं और पूर्ववर्ती राज्य के बीजेपी प्रमुख से भी मुलाकात की. इन मुलाकातों का समय अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण की छठी वर्षगांठ (5 अगस्त) से ठीक पहले का होना चर्चाओं को और हवा दे रहा है.
3 अगस्त को, पीएम मोदी ने नई दिल्ली में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. आमतौर पर ऐसी बैठकों के बाद प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की ओर से बयान जारी होता है, लेकिन इस बार कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई. कुछ घंटों बाद, अमित शाह ने भी राष्ट्रपति से एकांत में मुलाकात की. इसके साथ ही, महीने के पहले दो दिनों में गृह मंत्री ने जम्मू-कश्मीर बीजेपी प्रमुख सत शर्मा और लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर कविंदर गुप्ता के साथ बैठकें कीं.
सोमवार को ऑल जम्मू-कश्मीर शिया एसोसिएशन के अध्यक्ष इमरान रजा अंसारी ने शाह से मुलाकात कर केंद्र शासित प्रदेश की जमीनी हकीकत पर चर्चा की. नई दिल्ली के सत्ता गलियारों में इन लगातार बैठकों ने विशेषज्ञों और सोशल मीडिया का ध्यान खींचा है. कई लोग अनुमान लगा रहे हैं कि यह जम्मू-कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा देने के लिए कानून लाने की तैयारी हो सकती है.
5 अगस्त 2019 को, अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के साथ-साथ, जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया था. इसके तहत जम्मू-कश्मीर विधानसभा भंग कर दी गई और प्रशासन को केंद्र के नियंत्रण में लेफ्टिनेंट गवर्नर के जरिए चलाया जाने लगा.
बता दें कि पीएम मोदी और अमित शाह ने कई मौकों पर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल करने का आश्वासन दिया है, लेकिन कोई समयसीमा नहीं बताई. दिसंबर 2023 में, सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण को सही ठहराते हुए सरकार को जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा "जल्द से जल्द" बहाल करने का निर्देश दिया था. सरकार ने कोर्ट को आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है.
इन उच्च-स्तरीय बैठकों ने जम्मू-कश्मीर के भविष्य को लेकर नई उम्मीदें जगा दी हैं. सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या केंद्र सरकार जल्द ही राज्य का दर्जा बहाल करने की दिशा में कदम उठाएगी. सभी की नजरें अब सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं.