नई दिल्ली: सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी कम कर दी है. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण ईंधन की कीमतों को लेकर बनी चिंता के बीच आम लोगों को यह राहत दी गई है. सरकार के गुरुवार को जारी आदेश के अनुसार, पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी पहले के 13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है. यानी 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती हुई है. इसी तरह, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी पहले के 10 रुपए प्रति लीटर से घटाकर 0 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है. इसमें भी 10 रुपए प्रति लीटर की कमी की गई है.
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पश्चिम एशिया के संघर्ष से जुड़ी अस्थिरता के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें काफी उतार-चढ़ाव वाली बनी हुई हैं. सुबह 8:40 बजे ब्रेंट क्रूड 106.63 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो 1.28% नीचे है. वहीं WTI क्रूड 93.50 डॉलर प्रति बैरल पर था, जो 1.04% कम है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने तेल बाजार में कुछ राहत दी है. ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत बहुत अच्छी चल रही है और हमलों में विराम लगाया जाएगा. इससे तेल की कीमतों में कुछ नरमी आई है, जिससे भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों पर ईंधन लागत का तत्काल दबाव कम हुआ है.
सरकार का यह कदम उपभोक्ताओं को कुछ राहत पहुंचाने और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के जोखिम को प्रबंधित करने का लगता है. सरकार ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि यह उपभोक्ताओं को वैश्विक अस्थिरता से बचाने का जरूरी कदम है. तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पिछले एक महीने में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें करीब 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, जिससे दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई.
उन्होंने कहा कि सरकार के सामने दो विकल्प थे, या तो पूरी बढ़ोतरी का बोझ उपभोक्ताओं पर डालना या फिर कुछ झटके को खुद एबजॉर्ब करना. ड्यूटी कटौती का फैसला भारतीय उपभोक्ताओं की सुरक्षा और तेल विपणन कंपनियों पर दबाव कम करने की कोशिश है, जो पिछले दिनों काफी नुकसान उठा रही थीं.
तेल विपणन कंपनियों पर रहेगी नजर
इस घोषणा के बाद तेल विपणन कंपनियों के शेयरों पर खास नजर रहेगी. हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और इंडियन ऑयल (IOC) के शेयर पिछले ट्रेडिंग सेशन में बढ़त के साथ बंद हुए थे. HPCL के शेयर करीब 2.5% ऊपर, BPCL करीब 0.9% ऊपर और IOC 1.4% ऊपर बंद हुए. हालिया बढ़त के बावजूद इन शेयरों पर पिछले कुछ हफ्तों से दबाव बना हुआ था. HPCL इस सप्ताह अपने 52-सप्ताह के निचले स्तर तक पहुंच गया था, जबकि BPCL और IOC भी अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर से काफी नीचे कारोबार कर रहे हैं.
ड्यूटी कटौती का इन कंपनियों के मार्जिन और बिजनेस आउटलुक पर असर पड़ेगा, जो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों और कच्चे तेल की लागत पर निर्भर करेगा. ब्रॉडर मार्केट की धारणा में भी कुछ सुधार दिख रहा है. कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के साथ-साथ विभिन्न सेक्टरों में खरीदारी देखी जा रही है, जिससे शेयरों को सपोर्ट मिल रहा है.
निवेशक पश्चिम एशिया के संघर्ष पर नजर रखे हुए हैं, क्योंकि यह तेल की कीमतों, महंगाई के अनुमान और समग्र बाजार की दिशा को प्रभावित कर रहा है. फिलहाल, एक्साइज ड्यूटी में कटौती को ईंधन लागत प्रबंधन और उपभोक्ताओं को सपोर्ट देने का कदम माना जा रहा है, जबकि वैश्विक कारक अभी भी अनिश्चित बने हुए हैं.