नई दिल्ली/मिर्जापुर: जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने श्रम शक्ति भवन नई दिल्ली में 6वीं राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के विजेताओं की सूची घोषित की. जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार विभाग (DoWR, RD & GR) ने वर्ष 2024 के लिए 10 श्रेणियों में कुल 46 विजेताओं (संयुक्त विजेताओं सहित) की घोषणा की, जिनमें सर्वश्रेष्ठ राज्य, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय, सर्वश्रेष्ठ स्कूल या कॉलेज, सर्वश्रेष्ठ उद्योग, सर्वश्रेष्ठ जल उपयोगकर्ता संघ, सर्वश्रेष्ठ संस्थान (स्कूल या कॉलेज अन्य), सर्वश्रेष्ठ सिविल सोसाइटी और जल क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति शामिल हैं.
सर्वश्रेष्ठ राज्य श्रेणी में प्रथम पुरस्कार महाराष्ट्र को प्रदान किया गया है, जबकि गुजरात दूसरे स्थान पर और हरियाणा तीसरे स्थान पर रहा. प्रत्येक पुरस्कार विजेता को उद्धरण, ट्रॉफी तथा कुछ श्रेणियों में नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा. जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार विभाग (DoWR, RD & GR) ने घोषणा की कि 6वीं राष्ट्रीय जल पुरस्कारों, 2024 का पुरस्कार वितरण समारोह 18 नवंबर 2025 को सुबह 11:30 बजे विज्ञान भवन, नई दिल्ली के प्लेनरी हॉल में आयोजित होगा.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि होंगी. जल शक्ति मंत्रालय के माननीय राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार विभाग (DoWR, RD & GR) के सचिव वी.एल. कांथा राव, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव अशोक के.के. मीणा तथा जल शक्ति मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने कैबिनेट मंत्री के साथ राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा में भाग लिया.
जल शक्ति मंत्रालय जल को राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में विकास, संरक्षण एवं कुशल प्रबंधन के लिए नीति ढांचे स्थापित करने तथा कार्यक्रमों को कार्यान्वित करने का दायित्व निभाने वाला केंद्रीय मंत्रालय है. माननीय प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जल शक्ति मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्तर पर जल प्रबंधन एवं जल संरक्षण के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए व्यापक अभियान चलाया है. इसी दृष्टिकोण से तथा लोगों में जल के महत्व के प्रति जागरूकता पैदा करने और उन्हें सर्वोत्तम जल उपयोग प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से, DoWR, RD & GR द्वारा वर्ष 2018 में प्रथम राष्ट्रीय जल पुरस्कार शुरू किए गए.
द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ एवं पंचम राष्ट्रीय जल पुरस्कार वर्ष 2019, 2020, 2022 एवं 2023 के लिए दिए गए. कोविड महामारी के कारण वर्ष 2021 में पुरस्कार नहीं दिए गए. वर्ष 2024 के लिए, 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार 23 अक्टूबर 2024 को गृह मंत्रालय (MHA) के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर लॉन्च किए गए. कुल 751 आवेदन प्राप्त हुए. आवेदनों की जांच एवं मूल्यांकन जूरी समिति द्वारा किया गया.
शॉर्टलिस्टेड आवेदनों का ग्राउंड ट्रुथिंग सेंट्रल वाटर कमीशन (CWC) एवं सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड (CGWB) द्वारा किया गया. ग्राउंड ट्रुथिंग रिपोर्टों के आधार पर, वर्ष 2024 के 6वें NWA के लिए 10 विभिन्न श्रेणियों को कवर करने वाले कुल 46 विजेताओं (संयुक्त विजेताओं सहित) का चयन किया गया है. राष्ट्रीय जल पुरस्कार (NWAs) देश भर में व्यक्तियों एवं संगठनों द्वारा सरकार के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को प्राप्त करने में किए गए अच्छे कार्यों एवं प्रयासों पर केंद्रित हैं.
ये पुरस्कार लोगों में जल के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करने तथा उन्हें सर्वोत्तम जल उपयोग प्रथाओं को अपनाने के लिए प्रेरित करने के लिए हैं. यह आयोजन सभी लोगों एवं संगठनों के लिए जल संसाधनों के संरक्षण एवं प्रबंधन गतिविधियों में मजबूत साझेदारी एवं जन भागीदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करता है.
UP में मिर्जापुर बना सर्वश्रेष्ठ जिला, आगरा नगर निगम भी छाया
साथ ही उत्तर प्रदेश ने भी जल संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की है. छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार 2024 में राज्य के मिर्जापुर जिले को उत्तरी क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ जिला चुना गया है, जबकि आगरा नगर निगम को शहरी स्थानीय निकाय (यूएलबी) श्रेणी में संयुक्त रूप से तीसरा स्थान मिला है.
यह उपलब्धि राज्य में जल प्रबंधन और सामुदायिक भागीदारी के सफल उदाहरणों को दर्शाती है. मिर्जापुर जिले में पेयजल और भूजल संरक्षण की कई योजनाएं प्रभावी रूप से लागू की गई हैं. जल जीवन मिशन और अटल भूजल योजना के तहत यहाँ जलाशयों के पुनर्जीवन, नालों के निर्माण और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया. स्थानीय पंचायतों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से वर्षा जल संचयन और तालाबों के जीर्णोद्धार में उल्लेखनीय सफलता मिली है.
दूसरी ओर, आगरा नगर निगम ने शहरी जल प्रबंधन में नवाचार का उदाहरण पेश किया है. शहर में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) से उपचारित जल का उपयोग पार्कों और औद्योगिक क्षेत्रों में किया जा रहा है. इसके साथ ही, लीक मॉनिटरिंग सिस्टम और स्मार्ट मीटरिंग जैसी तकनीकों के उपयोग से जल अपव्यय में कमी आई है.राज्य में “हर घर नल” योजना के तहत घर-घर जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है. वर्तमान में सभी 75 जिलों में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए प्रयास जारी हैं. जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रत्येक जिले में एक गांव को पायलट परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ 24 घंटे स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा.