लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को तीन बड़े शहरों मेरठ, कानपुर और मथुरा-वृंदावन के लिए तैयार किए जा रहे महत्वाकांक्षी मास्टर प्लान की खुद समीक्षा की. अयोध्या और काशी की तर्ज पर अब इन शहरों को उनकी सांस्कृतिक पहचान के साथ विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला शहर बनाने का खाका तैयार हो चुका है. खास बात ये है कि CM ने साफ कहा है कि ये प्रोजेक्ट सिर्फ खर्च करने के लिए नहीं, खुद कमाने वाले भी होने चाहिए.
कुल 478 परियोजनाओं का ब्लूप्रिंट तैयार
तीनों शहरों के लिए कुल 478 परियोजनाएं चिन्हित की गई हैं. इन्हें छोटी (2025-26), मध्यम और लंबी अवधि की श्रेणी में बांटा गया है. पहले फेज में ही 38 प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी गई है.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर प्रोजेक्ट में कम से कम 20-30% रेवेन्यू जनरेशन का मॉडल हो. PPP और रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर निजी कंपनियों को जोड़ा जाए. योगी ने कहा, “जनता के हित का काम हो तो पैसों की कमी कभी आड़े नहीं आएगी, बजट चाहिए तो बढ़ा देंगे.”
शहरवार खास प्लान
मथुरा-वृंदावन: 2030 तक बनेंगे विश्वस्तरीय तीर्थ-नगरी
सीएम योगी अब इन तीनों शहरों के प्रोजेक्ट्स की हर 15 दिन में खुद समीक्षा करेंगे. उन्होंने कहा, “मेरठ क्रांति की धरती है, कानपुर औद्योगिक धड़कन और मथुरा-वृंदावन विश्वास का केंद्र. इनकी असली पहचान लौटानी है और साथ ही आधुनिक सुविधाएं देनी हैं.” अगले साल से इन शहरों में जमीनी काम शुरू हो जाएगा. उत्तर प्रदेश अब तेजी से “एक जिला-एक पहचान” से आगे बढ़कर “एक शहर-एक ग्लोबल आइडेंटिटी” की ओर बढ़ रहा है.