नई दिल्ली: बॉलीवुड और मराठी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया. उनकी दमदार अदाकारी और तीखे डायलॉग्स आज भी फैंस की जुबान पर हैं. आइए याद करते हैं उनके 10 सबसे फेमस डायलॉग्स, जिन्होंने सिनेमा इतिहास में अपनी जगह बनाई.
- यशवंत (1997): एक मच्छर, साला आदमी को हिजड़ा बना देता है. एक ख खटमल पूरी रात को अपाहिज कर देता है... साला, एक मच्छर आदमी को हिजड़ा बना देता है.
- क्रांतिवीर (1994): आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने... अब मुझे लटका देंगे, जुबान ऐसी बाहर आएगी, आंखें बाहर आएंगी...
- क्रांतिवीर (1994): ये मुसलमानों का खून, ये हिंदू का खून... बता इसमें मुसलमान का कौन सा, हिंदू का कौन सा है, बता.
- क्रांतिवीर (1994): ये धनिया, इधर मत मार... समझा क्या? इधर छोटा दिमाग होता है, आदमी मर जाता है.
- गुलाम-ए-मुस्तफा (1997): 15 सौ की नौकरी करने वाला, एक दिन तुझे डेढ़ सौ का कफन पहनाएगा.
- मराठा या तो मरता है या तो मारता है...
- परिंदा (1989): ये दुख नाम की बीमारी का इलाज किसी डॉक्टर के पास नहीं है... इसका इलाज खुद ही ढूंढना पड़ता है, दुख को भूलना पड़ता है.
- राजनीति (2010): राजनीति में फैसले सही या गलत नहीं होते, फैसले होते हैं. उन्हें वक्त और हालात के हिसाब से लिया जाता है.
- प्रहार: तू शेर है, शेर की तरह दहाड़... वरना कुत्तों की तरह भौंकते रह जाओगे.
- अब तक छप्पन (2004): इस दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं... एक वो जो खुद के लिए जीते हैं और दूसरे वो जो दूसरों के लिए जीते हैं.
नाना पाटेकर की आवाज और अंदाज ने इन डायलॉग्स को अमर बना दिया. उनके निधन के बाद ये संवाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे हैं.