राजौरी: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के कोट्रंक इलाके के बडाल गांव में एक रहस्यमयी बीमारी के कारण दो और मौतें हो गई हैं. 24 घंटे के अंदर छह साल की बच्ची और 62 वर्षीय व्यक्ति की मृत्यु हो गई. इस बीमारी से अब तक मरने वालों की संख्या 14 तक पहुंच चुकी है और यह बीमारी सिर्फ एक ही परिवार और उनके रिश्तेदारों तक सीमित बताई जा रही है. इस बीमारी के कारण दिसंबर से अब तक सफीना के परिवार के छह सदस्यों सहित 9 लोगों की जान जा चुकी है.
सफीना और उसके पांच भाई-बहनों को पहले बुखार, अत्यधिक पसीना, उल्टी और डिहाइड्रेशन जैसे लक्षण दिखाई दिए थे. सभी को जीएमसी राजौरी में भर्ती कराया गया था, और बाद में गंभीर हालत में उन्हें जम्मू के एसएमजीएस अस्पताल रेफर किया गया. इसके बाद 5 वर्षीय नवीना कौसर और 14 वर्षीय सहूर अहमद समेत तीन बच्चों की मौत हो चुकी है.इस रहस्यमयी बीमारी की जांच के लिए दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) और चेन्नई स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी की दो विशेषज्ञ टीमें बडाल गांव का दौरा करेंगी.
272 नमूने एकत्र किए गए
ये टीमें बीमारी के कारणों का पता लगाने और स्थिति का आकलन करने के लिए गांव में रुकेंगी. गांव में खाद्य सामग्री और पानी की सुरक्षा की जांच के लिए अधिकारियों ने सोमवार को 272 नमूने एकत्र किए. इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की एक टीम, जिसका नेतृत्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. राकेश मंगोत्रा और राजौरी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोहर राणा कर रहे हैं, कोट्रंक में स्थित है.
स्थानीय लोगों में बढ़ी चिंता
एक मोबाइल मेडिकल यूनिट और एम्बुलेंस भी गांव में तैनात की गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. स्थानीय लोग इस रहस्यमयी बीमारी से चिंतित हैं, खासकर जब से यह बीमारी एक ही परिवार और उनके रिश्तेदारों तक सीमित हो चुकी है. अधिकारियों ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है, लेकिन स्थानीय लोगों में दहशत और चिंता का माहौल बना हुआ है.