गुवाहाटी: असम सरकार ने विधानसभा में आधिकारिक आंकड़े पेश करते हुए बताया कि वर्ष 2016 से 30 जून 2026 तक राज्य से कुल 2,089 अवैध विदेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजा गया है. इनमें सबसे ज्यादा संख्या बांग्लादेशी नागरिकों की है. असम समझौता क्रियान्वयन मंत्री अतुल बोरा ने कांग्रेस विधायक अब्दुल रहीम अहमद के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी.
आंकड़ों के अनुसार, इन 2,089 लोगों में 2,023 बांग्लादेशी, 39 म्यांमार के, 18 नाइजीरिया के और बाकी अफगानिस्तान, यूक्रेन, रूस, पाकिस्तान, केन्या तथा युगांडा के नागरिक शामिल हैं. साल-दर-साल आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे ज्यादा कार्रवाई 2025 में हुई, जब 1,811 अवैध विदेशियों को वापस भेजा गया. चालू वर्ष 2026 में 30 जून तक 263 लोगों को निर्वासित किया जा चुका है.
मंत्री ने यह भी बताया कि 31 मई 2026 तक राज्य में कुल 1,72,673 अवैध विदेशी चिह्नित किए गए हैं, जिनमें 1,11,414 मुस्लिम और 61,189 हिंदू शामिल हैं. अवैध घुसपैठियों को वापस भेजने की प्रक्रिया इमिग्रेंट्स (एक्सपल्शन फ्रॉम असम) एक्ट, 1950 और गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत की जा रही है.
इसके अलावा असमिया व्यक्ति की परिभाषा पर मंत्री ने कहा कि यह संवेदनशील मुद्दा है. सरकार विभिन्न संगठनों, हितधारकों और बिप्लब कुमार शर्मा समिति की रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लेगी, ताकि मूल असमिया आबादी की सांस्कृतिक, सामाजिक और भाषाई पहचान सुरक्षित रहे. यह आंकड़ा असम में अवैध घुसपैठ को लेकर लंबे समय से चल रही बहस में नया मोड़ लाता है.