जयपुर: राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के छह खूंखार अपराधियों को गिरफ्तार कर एक बड़े आतंकी खतरे को टाल दिया. इनमें तीन नाबालिग भी शामिल हैं. यह कार्रवाई पंजाब में हाल ही में हुए हैंड ग्रेनेड हमले के बाद की गई, जिसमें गैंग की संलिप्तता सामने आई थी. पुलिस को सूचना मिली थी कि ये अपराधी स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के आसपास दिल्ली और ग्वालियर में बड़े धमाकों की योजना बना रहे थे.
पंजाब से शुरू हुआ पीछा
पुलिस के अनुसार, एक महीने पहले इन बदमाशों ने पंजाब के नवांशहर में हैंड ग्रेनेड से हमला किया था, जिसके बाद पंजाब पुलिस उनकी तलाश में थी. राजस्थान पुलिस की टास्क फोर्स को गोपनीय सूचना मिली कि ये अपराधी राज्य में छिपे हैं. इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए टास्क फोर्स ने पंजाब पुलिस की विशेष टीम के साथ समन्वय स्थापित किया और छह बदमाशों को धर दबोचा. गिरफ्तार आरोपियों में सोनू उर्फ काली (कपूरथला, पंजाब), रितिक नारोलिया (माधोराजपुरा, फागी), और संजय नायक (हनुमानगढ़) शामिल हैं. तीन नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया, जो उत्तर प्रदेश, निवाई (टोंक), और कपूरथला के रहने वाले हैं.
गैंगस्टर जीशान से जुड़े तार
एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स के प्रभारी एडीजी दिनेश एमएन ने बताया कि सभी गिरफ्तार अपराधी कुख्यात गैंगस्टर जीशान के संपर्क में थे, जो विदेश में छिपा हुआ है. जीशान सोशल मीडिया ऐप्स के जरिए गैंग के सदस्यों को निर्देश देता है. मुंबई में बाबा सिद्दीकी की हत्या की जिम्मेदारी भी जीशान ने ली थी. गैंग बड़े कारोबारियों को धमकी देकर उगाही और हिंसक गतिविधियों में शामिल रहा है.
पुलिस की साहसिक भूमिका
इस जोखिम भरे ऑपरेशन का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धांत शर्मा ने किया. टीम में इंस्पेक्टर रामसिंह, सब-इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह, सहायक उप-निरीक्षक दुष्यंत सिंह, हेड कांस्टेबल शाहिद अली, कांस्टेबल रविंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, जितेंद्र, दिनेश कुमार, और टेक्निकल सहयोग में कांस्टेबल संजय शामिल थे. पुलिस ने बिना समय गंवाए घेराबंदी कर इन बदमाशों को पकड़ा और पंजाब पुलिस को सौंप दिया.
स्वतंत्रता दिवस पर खतरे की साजिश नाकाम
पुलिस को मिली खुफिया जानकारी के मुताबिक, ये अपराधी 15 अगस्त के आसपास दिल्ली और ग्वालियर में बड़े पैमाने पर धमाकों की साजिश रच रहे थे. राजस्थान और पंजाब पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने इस खतरे को समय रहते नाकाम कर दिया. यह ऑपरेशन न केवल पुलिस की सतर्कता और समन्वय को दर्शाता है, बल्कि संगठित अपराध के खिलाफ कठोर कार्रवाई की प्रतिबद्धता को भी उजागर करता है.