बुलंदशहर : उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से पति-पत्नी के रिश्ते से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने उम्र के इस पड़ाव पर पारिवारिक जिम्मेदारियों और बुजुर्गों की परेशानियों को सामने ला दिया है. यहां 70 साल की सत्यवती ने अपने 75 वर्षीय पति ओमकुमार से तलाक की मांग कर दी. मामला पुलिस तक पहुंचा, जहां काउंसलिंग के बाद दोनों के बीच समझौता हो गया.
जानकारी के मुताबिक, सत्यवती और ओमकुमार के चार बेटे हैं. उम्र बढ़ने के बाद बेटों ने माता-पिता की जिम्मेदारी अपने बीच बांट ली. दो बेटे अपनी मां सत्यवती को अपने साथ ले गए, जबकि दो बेटे पिता ओमकुमार के साथ रहने लगे. यानी बुजुर्ग दंपती अलग-अलग बेटों के साथ रहने लगे.
बताया गया कि सत्यवती की तबीयत खराब चल रही थी और उन्हें इलाज की जरूरत थी. आर्थिक परेशानी के चलते बेटों के पास मां के इलाज के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे. ऐसे में सत्यवती ने अपने पति ओमकुमार से इलाज का खर्च उठाने की बात कही. आरोप है कि पति ने भी आर्थिक मदद करने में असमर्थता जताई.
इससे नाराज होकर सत्यवती पुलिस के पास पहुंच गईं और पति से तलाक की मांग कर दी. मामला पुलिस के पास पहुंचने के बाद अधिकारियों ने दोनों पक्षों की बात सुनी और काउंसलिंग की. काउंसलिंग के दौरान परिवार के सामने बुजुर्ग दंपती की समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की गई.
आखिरकार दोनों के बीच 5000 प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने पर सहमति बन गई, इसके बाद तलाक की मांग को लेकर चल रहा विवाद शांत हो गया. बुलंदशहर का यह मामला बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल और परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर भी सवाल खड़े करता है.