त्रिशूर: केरल के त्रिशूर जिले की एक महिला ने गंभीर आरोप लगाया है कि उनके पते पर उनकी जानकारी के बिना नौ फर्जी मतदाता नाम दर्ज किए गए हैं. यह मामला पूंकुन्नम के कैपिटल विलेज अपार्टमेंट्स के फ्लैट नंबर 4सी से जुड़ा है, जहा मालिक प्रसन्ना ने बताया कि उनके परिवार में केवल वही त्रिशूर में वोट देती हैं.
प्रसन्ना ने पत्रकारों से कहा कि उनके परिवार में चार वयस्क और दो बच्चे हैं, और अन्य वयस्कों का मतदाता पंजीकरण उनके पैतृक गांव पूछिनिपदम में है. उन्हें नौ अतिरिक्त नामों की जानकारी तब मिली जब सत्यापन के लिए कोई उनके पास आया. उन्होंने कहा, "हमें इनमें से कोई नहीं जानता. हम यहां चार साल से रह रहे हैं. बिना हमारी सहमति के हमारे पते पर नाम जोड़ना गलत है." उन्होंने जिला कलेक्टर को सौंपी गई शिकायत पर हस्ताक्षर किए हैं.
सीपीएम कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि पूंकुन्नम के वॉटर लिली और कैपिटल विलेज जैसे अन्य फ्लैट्स में भी मतदाता सूची में ऐसी अनियमितताएं हुई हैं. उनका कहना है कि खाली फ्लैट्स को फर्जी पतों के रूप में इस्तेमाल कर अन्य जिलों से वोट स्थानांतरित किए गए. उन्होंने जोर देकर कहा, "फ्लैट मालिक को इन लोगों की कोई जानकारी न होना इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है."
इन आरोपों ने सीपीएम नेता और त्रिशूर के पूर्व उम्मीदवार वी.एस. सुनील कुमार के दावों को बल दिया है, जिन्होंने मतदाता पंजीकरण के दौरान व्यापक अनियमितताओं की अनुमति देने के लिए चुनाव आयोग पर सवाल उठाए थे. उन्होंने बताया कि एक बूथ में ही 280 आवेदन एक साथ आए, और अन्य निर्वाचन क्षेत्रों के लोगों व प्रवासी मजदूरों के नाम जोड़े गए. उनके अनुसार, आयोग ने डाक कार्ड को पते के प्रमाण के रूप में स्वीकार कर प्रक्रिया को सरल बनाया.
त्रिशूर केरल की एकमात्र लोकसभा सीट थी, जिसे 2024 में बीजेपी ने जीता, जिसमें सुरेश गोपी ने एलडीएफ के सुनील कुमार और यूडीएफ के के. मुरलीधरन को हराया था. विपक्षी नेता वी.डी. सतीशन ने इन शिकायतों की गहन जांच की मांग की है, जिसमें बीजेपी पर "गलत तरीके" से वोट जोड़ने और निष्पक्ष चुनाव को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने कथित चुनावी हेरफेर को उजागर करने के लिए राहुल गांधी की सराहना की और नागरिकों से "फासीवाद, तानाशाही और सांप्रदायिकता" का विरोध करने का आह्वान किया.
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