Hathras Stampede Accident: करोड़ों का मालिक बाबा, पाखंडी का साम्राज्य देख उड़ेंगे होश

Global Bharat 07 Jul 2024 07:59: PM 4 Mins
Hathras Stampede Accident: करोड़ों का मालिक बाबा, पाखंडी का साम्राज्य देख उड़ेंगे होश

जबसे नाराणय साकार हरी बाबा की पोल पट्टी खुली है तभी से एक सवाल खड़ा हो गया है कि बाबा का पाताल लोक कैसा है? उसमे क्या क्या है? बाबा कैसे अपना साम्राज्य बढ़ाता चला गया? क्योंकि इस ढोंगी के पास सिर्फ एक नहीं बल्कि आठ आश्रम है. इसका साम्राज्य  सैकड़ों लोगों की जान लेने का ज़िम्मेदार भोले बाबा उर्फ़ नारायण साकार हरी उर्फ़ सूरजपाल दावा करता है कि वो भक्तों से कोई दान नहीं लेता तो फिर इतना आलिशान आश्रम आखिर बनाया कैसे? कहां से आए इतने पैसे कि उसकी ईंटों की भट्ठियां चल रही हैं.

जगह-जगह आश्रम हैं? वो भी कोई छोटे मोटे नहीं आश्रम सीरीज वाले आश्रम जैसे? कैसे एक सरकारी नौकरी करने वाले आदमी के पास इतना पैसा आ गया? नौकरी से वीआरएस लेने के दौरान झोपडी में रहने वाले मामूली शख्स के आठ आश्रम कैसे हो गए.? कई बीघा में फैले इन आश्रमों के अलावा भी बहुत सम्पत्ति है. सवाल ये भी है कि कैसे इसके आश्रमों का संचालन होता था? कैसे इतना बड़ा साम्राज्य खड़ा हो गया? बाबा की कमाई का असली जरिया क्या है? जिसके जरिए इतनी संपत्ति इक्कठा हो गई? इस साम्राज्य के अलावा सबसे ज्यादा चर्चा इस ढोंगी बाबा के सेवादारों की है. जो इसके एक इशारे पर कुछ भी करने को तैयार रहते हैं.

अभी तक पुलिस ने 7 सेवादारों को गिरफ्तार किया है. जिनसे पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो रहे हैं. और इस ढोंगी बाबा के काले करतूत सामने आ रहे हैं. बाबा के रहस्यमई पाताल लोक की परतें खुल रही हैं. सबसे पहले शुरुआत करते हैं हाथरस के पास ही मौजूद संभल की. जहां एक आलीशान सुनहरे रंग का आश्रम है इस आश्रम का नाम प्रवास कुटिया है. यहां आश्रम के आसपास बाबा के नाम पर करोड़ो का ईंट भट्ठों का कारोबार होता है। आश्रम के आसपास कई ईंट भट्ठे हैं. हाइवे के किनारे ये आलिशान आश्रम बना है. ये आश्रम कुल 8 बीघा में बना हुआ है. जिसमें 4 बीघा में आश्रम बना हुआ है और 4 बीघा खाली पड़ा है. 

दूसरा है कासगंज के बहादुर नगर में बना आश्रम, ये किसी महल से कम नहीं है. 18 बीघे में फैले इस आश्रम में सुख-सुविधाओं के शानदार इंतजाम हैं. मैनपुरी के बिछुआ गांव में भी बाबा नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा का आश्रम बना है जो 21 बीघा में फैला है. ऊंची बाउंड्री देकर आश्रम दो भागों में बांटा गया है. करीब 5 बीघा में बाबा की आलीशान कोठी बनी है. कोठी की छत पर नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा की तस्वीर लगी है. बाबा की कोठी में जाने वाले रास्ते पर रंगोली और किनारे लगी रेलिंग को कृत्रिम फूल से सजाया गया है. 

इसी तरह राजस्थान में बाबा का करीब डेढ़ बीघा जमीन पर आश्रम बना हुआ है. ये आश्रम भी किसी महल से कम नहीं है. आश्रम में घुसने के लिए कई दरबाजे बने हुए हैं. भोले बाबा के नाम से मशहूर नारायण साकार का यह आश्रम अलवर जिले के खेड़ली इलाके सहजपुरा गांव में है. उसमें बाबा के सेवक रहते हैं. कानपुर बिधनू करसुई गांव में करीब छह एकड़ जमीन पर बाबा नारायण साकार विश्व हरि का आश्रम बना हुआ है. अभी भी आश्रम के कुछ हिस्से में काम चल रहा है। वर्ष 2018-19 में बाबा ने सेवादारों के जरिये यहां जमीन खरीदकर आश्रम बनवाया। यहां बाबा ने अपना मंदिर भी बनवा रखा है.

इसके अलावा लखीमपुरी में भी बाबा का एक और ठिकाना है. चारों ओर किसानी खेती की जमीन और हरे भरे बड़े-बड़े बागीचे और इन सब के बीच बड़ा आलीशान सा आश्रम नुमा रिजॉर्ट बना हुआ है. सेवादारों पर बाबा का ऐसा जादू है कि वो अंधभक्तों की तरह बीएस बाबा के एक इशारे पर कुछ भी कर जाते हैं. लेकिन जब ये हादसा हुआ है तो जो लोग कभी बाबा को भगवन मानते थे वो अब अपना गुस्सा ज़हर कर रहे हैं. कई ग्रामीणों ने खुलासा किया है कि बाबा के आश्रमों में पुरुषों को प्रवेश नहीं दिया जाता था. सिर्फ महिलाओं और लड़कियों को ही जाने के लिए छूट थी.

बाबा का साम्राज्य उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान तक फैला हुआ है. दावा किया जा रहा है कि बाबा 100 करोड़ रुपए से भी ज्यादा की संपत्ति का मालिक है. बाबा महंगी गाड़ियों का भी शाकिन था. उसके पास 25-30 लग्जरी गाड़ियां भी हैं. भोले बाबा ने आश्रम और अपनी सुरक्षा के लिए हजारों की संख्या में सेवादारों की तैनाती कर रखी थी. सबसे ज्यादा हैरानी की बात ये है कि नारायण साकार हरि के किसी भी आश्रम में कहीं पर कोई भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है. मैनपुरी के बिछुआ आश्रम में भी कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है. इसके अलावा कासगंज, आगरा और संभल के आश्रम में भी कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है. सेवादार किसी को भी बाबा का ना तो वीडियो बनाने देते थे और ना ही फोटो खींचने देते थे.

अब जो बाबा दावा करता है कि वो किसी से दान नहीं लेता था, लेकिन आश्रम में ऐसे 200 दानदाताओं की सूची है, जिनके नाम पर 10 हजार से लेकर ढाई लाख रुपये तक के दान देने की बात कही गई है. इसके अलावा अगर बाबा दान लेता तो उसके कार्यक्रम कौन करवाता है? कौन फंडिंग करता है? इन तमाम सवालों के जवाब पुलिस लगातार ढूंढ रही है. जांच में जो खुलासे हो रहे हैं वो नए सवाल खड़े कर रहे हैं. ऐसे में सवाल ये भी कि अगर ये हादसा नहीं होता तो शायद कभी बाबा पर शिकंजा नहीं कसता और इस रहसयमई साम्राज्य से पर्दा नहीं उठता और ढोंगी बाबा भोली भाली जनता को ऐसे ही अपने जाल में फंसाता रहता।

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