चंडीगढ़: हरियाणा में युवाओं, खासकर महिलाओं को हुनरमंद बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. 3 जून 2025 को चंडीगढ़ में हरियाणा सरकार और नवीन जिंदल फाउंडेशन ने एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया. इस समझौते के तहत कुरुक्षेत्र के बहलोलपुर, लाडवा में स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) का प्रबंधन अब नवीन जिंदल फाउंडेशन के पास होगा. यह समझौता हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, कुरुक्षेत्र सांसद नवीन जिंदल और हिसार विधायक सावित्री जिंदल की मौजूदगी में हुआ.
इस समझौते पर सरकार की ओर से अतिरिक्त मुख्य सचिव बिजेंद्र सिंह और कौशल विकास व औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के प्रबंध निदेशक कैप्टन मनोज कुमार ने हस्ताक्षर किए. नवीन जिंदल फाउंडेशन अपने 'नवीन अवसर प्रोग्राम' के तहत इस आईटीआई को एक आधुनिक और उद्योग से जुड़ा स्किल डेवलपमेंट सेंटर बनाएगा. यह सेंटर खास तौर पर महिलाओं के लिए होगा, जहां उन्हें नौकरी के लिए तैयार करने और आत्मनिर्भर बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी.
यह नया सेंटर तकनीक पर आधारित और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देगा. इसका मकसद है कि युवा, विशेष रूप से महिलाएं, ऐसी स्किल्स सीखें जो उन्हें नौकरी दिलाने में मदद करें. यह सेंटर हरियाणा को स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में योगदान देगा. साथ ही, यह भारत सरकार के 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को भी साकार करने में मदद करेगा.
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा, "यह समझौता हरियाणा को स्किल डेवलपमेंट में नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा. यह हमारे युवाओं को आत्मनिर्भर भारत का हिस्सा बनाएगा. नवीन जिंदल का युवाओं को सशक्त बनाने का जुनून प्रेरणादायक है." सांसद नवीन जिंदल ने कहा, "यह सिर्फ एक संस्थान का हस्तांतरण नहीं है. यह युवाओं, खासकर महिलाओं को सम्मान, अवसर और सशक्तिकरण देने की दिशा में एक बड़ा कदम है. हम चाहते हैं कि यहां से प्रशिक्षित हर व्यक्ति न सिर्फ अपना भविष्य बनाए, बल्कि देश के विकास में भी योगदान दे."
हिसार विधायक सावित्री जिंदल ने इसे जनसेवा की नई शुरुआत बताया. उन्होंने कहा कि यह पहल समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाने में मदद करेगी. इस मौके पर नवीन जिंदल के सांसद के रूप में पहले साल की उपलब्धियों पर आधारित एक बुकलेट भी लॉन्च की गई. इस बुकलेट में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्र में उनके काम का ब्योरा है. यह बुकलेट कुरुक्षेत्र के विकास के लिए उनके विजन को दर्शाती है.
यह समझौता हरियाणा के युवाओं, खासकर महिलाओं के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है. महिलाओं को तकनीकी और प्रैक्टिकल स्किल्स सिखाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना इस सेंटर का मुख्य लक्ष्य है. इससे न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि समाज में उनकी भागीदारी भी बढ़ेगी. यह पहल महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के सपनों को भी साकार करती है.