ये बात तो साफ है कि महाराष्ट्र की बारामती सीट पर पेंच फंसेगा, लेकिन सवाल ये है कि पलड़ा किसका भारी होगा। ननद दिखा पायेंगी कमाल या फिर भाभी का चलेगा राज. यानी राज्य की हाई प्रोफ़ाइल सीट पर अब सबकी नज़रें हैं. एनसीपी शरद पवार की उम्मीदवार सुप्रिया सुले पवार को टक्कर देने के लिए अजीत पवार की एनसीपी ने मैदान में सुनेत्रा पवार को चुनावी मैदान में उतार दिया है. दोनों ने नामांकन भी भर दिया है.
अब ये तो चुनाव के नतीजे ही बताएंगे कि सीट पर पवार परिवार का कौनसा सदस्य कब्ज़ा जमाएगा. लेकिन मार्च महीने में जैसे ही खबर आई थी कि इस सीट से डिप्टी सीएम अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा को उतारा जा रहा है. इस सीट की चर्चा ज़ोरों से होने लगी थी. गौर करने वाली बात ये थी कि शाम 5 बजे एनसीपी (शरदचंद्र पवार) ने बारामती लोकसभा सीट के लिए सुप्रिया सुले के नाम की घोषणा की थी. इसके ठीक डेढ़ घंटे बाद यानी 6.30 बजे एनसीपी (अजित पवार) ने बारामती लोकसभा सीट के लिए सुनेत्रा अजीत पवार के नाम की घोषणा कर दी थी. तभी से इस सीट का मुकाबला दिलचस्प हो गया है. क्योंकि बारामती हमेशा से ही पवार परिवार का गढ़ रहा है. सुप्रिया सुले यहां से सांसद हैं. जबकि शरद पवार बारामती लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं. इस लिहाज़ से देखे तो पलड़ा सुप्रिया का ही भारी नज़र आ रहा है. क्योंकि पहली बात तो ये कि वो अभी भी इस सीट से सांसद हैं. वहीं जानकारों का मानना है कि वो उन्हें सहानुभूति वोट भी मिल सकता है.
अजीत पवार के बीजेपी से हाथ मिला लेने के बाद पार्टी में टूट भी हुई और बाद में पार्टी भी अजित पवार के हाथ में ही चली गई. जिसे एनसीपी शरद पवार अपने पक्ष में भुना रही है. इसलिए जानकारों का कहना है कि शरद पवार के प्रति लोगों की सहानुभूति को एनसीपी शरद पवार वोटों में तब्दील कर सकती है. हालांकि कुछ जनकारों का ये भी दावा है कि जनता सुनेत्रा को भी मौका दे सकती है. क्या होगा जनता का फैसला ये तो नतीजों के दिन ही सामने आएगा। फिलहाल ननद भाभी की टक्कर ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है.