यूपी के हाथरस से मंगलवार को एक ऐसी घटना सामने आई जिसके बाद यूपी में हड़कम मच गया. हाथरस के सिकंदराराऊ थाना क्षेत्र के गांव फुलरई में भोले बाबा का सतसंग आयोजित हो रहा था जिसमे भारी मात्रा में लोग मौजूद थे. अचानकल हुई भगदड़ और फिर इस घटना से हर कोई देहल गया है. इस समय अगर कुछ सुब्नाई दे रहा है तो वो है लोगों की चीख पुकार, रोना, बस. सत्संग में हुई भगदड़ के बाद अब लोगों के मन में ये सवाल है कि ाकाहिर वो भोले बाबा कौन हैं जिनकी सत्संग में इतनी भारी मात्रा में लोग मौजूद थे.. हर कोई इस सवाल का जवाब ढून्ढ रहा है..
तो बता दें कि बता दें कि भोले बाबा का ये सत्संग पश्चिमी यूपी में ज्यादा मशहूर है, जिसमें बड़ी तादाद में श्रद्धालु आते हैं.. देश भर में आज में भोले बाबा के लाखों भक्त हैं.. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भोले बाबा के नाम से मशहूर संत का असली नाम सूरज पाल है.. हालांकि अब उन्हें भोले बाबा के नाम से जाना जाता है.. भोले बाबा मूल रूप से कासगंज जिले के पटियाली गांव के हैं. पटियाली में इन्होने अपना आश्रम बनाया है... आपको जानकार हैरानी होगी कि बाबा बनने से पहले बाबा यूपी पुलिस की नौकरी करते थे। 18 साल पहले इन्होंने नौकरी छोड़ी और वीआरएस ले लिया था..

नौकरी छोड़ने के बाद इन्होने गांव में झोपडी बनाई और वहीं रहने लगे.. .उसके बाद भोले बाब ने भगवान की भक्ति भक्ति पर ही ज्ञान देने लगे...रिपोर्ट्स के मुताबिक भोले बाबा बचपन में पिता के साथ खेती-बाड़ी का काम किया करते थे.. आज देश में लखों की संख्या में भक्त इनके दरबार हैं और इनका प्रवचन सुनते हैं...
अपने दरबार में भक्तों को मोहमाया से ऊपर उठकर भगवान की भक्ति में लीन होने का ज्ञान देते हैं... संत सूरज पाल उर्फ भोले बाबा के भक्त केवल उत्तर प्रदेश में ही नहीं बल्कि दूसरे राज्य जैसे कि राजस्थान, मध्यप्रदेश में भी बड़ी तादाद में भक्त मौजूद हैं...