ये तस्वीर देखिए, कैसे माध्वी लता हाथों से तीर चलाने का इशारा रही हैं, न उनके हाथ में धनुष है और ना ही बाण, फिर वो किसकी ओर हाथ उठा रही हैं, ये समझना बेहद जरूरी है, जब आप इस तस्वीर को गौर से देखेंगे तो पता चलेगा कि माध्वी लता का इशारा किसी खास व्यक्ति की ओर नहीं है, बल्कि उनके इशारे का एक खास मतलब है, और वो मतलब क्या है, इसे समझने के लिए आपको माध्वी लता का बयान सुनना होगा, लेकिन वो बयान सुनाएं उससे पहले आप ओवैसी की बात सुन लीजिए, जो कह रहे हैं कि माध्वी ने ऐसा करके ठीक नहीं किया है.
ओवैसी के समर्थक ये तक कहने लगे हैं कि जहां माध्वी ने ये इशारा किया उसी ओर कई मस्जिदें भी हैं. पर मुस्लिम महिलाओं को हक दिलाने की माध्वी इतनी बड़ी गलती करेंगी इसकी उम्मीद किसी को नहीं है. अब चूंकि माध्वी लता एक मुस्लिम बाहुल्य सीट से चुनाव लड़ रही हैं, और हिंदुत्व को लेकर मुखर भी रहती हैं, इसलिए उनके एक हर एक्शन पर सियासी रिएक्शन जरूर सामने आएंगे औऱ ये बात उन्हें भी सोचना होगा कि कहीं ये दांव उल्टा न पड़ जाए, इसीलिए वो अभी से डैमेज कंट्रोल में जुट गई हैं.
अब देखने वाली बात ये होगी कि माध्वी की ये काल्पनिक तीर चुनावी दौर में उन्हें कितनी वास्तविक फायदा दिला पाती है. क्या आप भी मानते हैं कि माध्वी ने ऐसा करके गलती की है, या फिर उन तीर वाले एक्शन को सियासत से जोड़ना महज इत्तेफाक है.