पूर्व कांग्रेस नेता (Former Congress Leader) और कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम (Acharya Pramod Krishnam) ने मौलाना तौकीर रजा (Maulana Tauqeer Raza) द्वारा दिए गए धर्म परिवर्तन (Proselytization) से जुड़े बयान क लेकर आपत्ति जताई है. उन्होंने मौलाना तौकीर रजा पर आरोप लगाते हुए कहा कि मौलाना तौकीर रजा का एक बहुत पुराना ख्वाब है कि मुल्क में शरिया (Sharia) लागू हो जाये. हिंदुस्तान के सभी लोग इस्लाम कबूल कर लें और अगर हिंदुस्तान (India) के नहीं तो कम से कम उत्तर प्रदेश के सभी लोग इस्लाम (Islam) कबूल कर लें.
आचार्य ने कहा है कि जब समाजवादी पार्टी की सरकार बन जाएगी तो यूपी के सभी लोगों को मुसलमान (Muslim) बना दिया जायेगा ये उनका ख्वाब है. आगे उन्होंने विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा कि मैं राहुल गाँधी (Rahul Gandhi), अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) और तेजस्वी यादव से पूछना चाहता हूं कि क्या वो लोग रजा साहब के मंसूबों का समर्थन करते हैं...?
वहीं उद्धव ठाकरे को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बयान पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि उद्धव ठाकरे या देवेंद्र फडणवीस, किसके साथ विश्वासघात हुआ इसका फैसला महाराष्ट्र की जनता करेगी. हिन्दुत्व के साथ विश्वासघात करने पर क्या कहा जाएगा. जिन्होंने बालासाहेब की विचारधारा के साथ विश्वासघात किया उसपर क्या कहा जाएगा. जिन्होंने वीर सावरकर की विचारधारा के साथ विश्वासघात किया उसपर क्या कहा जाएगा. शंकराचार्य जी इसपर जरूर प्रकाश डालेंगे कि राष्ट्र बड़ा है या राजनीति. सनातन बड़ा है या सियासत.
बताते चलें कि शिवसेना (Shiv Sena) नेता के बयान पर उत्तराखंड (Uttarakhand) की ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य (Shankaracharya) स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Swami Avimukteshwaranand Saraswati) ने प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने राजनीतिक नेताओं द्वारा धर्म को लेकर दिए गए बयानों पर बात करते हुए कहा था कि हम संयासी हैं, पॉलिटिकल बयान (Political Statements) नहीं देना चाहिए, बिलकुल सही है लेकिन पॉलिटिकल लोगों (Politicians) को भी तो धर्म में नहीं पड़ना चाहिए. राजनीतिज्ञ लोग धर्म में हस्तक्षेप बंद करें हम गारंटी दे रहे हैं कि हम राजनीति (Politics) में बोलना बंद कर देंगे. लेकिन आप हमारे धर्म (Religion) में निरंतर हस्तक्षेप करते जा रहे हो और हम धर्म के बारे में ना बोलें.