क्रिकेट न्यूज: अफगानिस्तान क्रिकेट इतिहास के सबसे सुनहरे पन्नों को लिखने वाले दिग्गज तेज गेंदबाज शापूर जारदान (Shapoor Zadran) का इस तरह दुनिया से चले जाना पूरे क्रिकेट जगत को मर्माहत कर गया है। जब इस जांबाज क्रिकेटर का पार्थिव शरीर ताबूत में लिपटकर वतन वापस लौटा, तो वहां का मंजर देखकर हर किसी का कलेजा कांप उठा। जो साथी क्रिकेटर्स मैदान पर विरोधियों के पसीने छुड़ा देते थे, वे अपने इस भाई के ताबूत को देखकर बच्चों की तरह फूट-फूट कर रोने लगे। राशिद खान से लेकर मोहम्मद नबी तक, हर खिलाड़ी की आंखों से आंसुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। शापूर को अंतिम विदाई देने पहुंचे हजारों फैंस की सिसकियों से पूरा अफगानिस्तान गमगीन हो गया।
अफगान क्रिकेट के 'पोस्टर बॉय' की अंतिम विदाई
शापूर जारदान सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं थे, बल्कि वह अफगानिस्तान में क्रिकेट की क्रांति के अग्रदूत थे। बुधवार को जब उनका पार्थिव शरीर काबुल पहुंचा, तो वहां राजकीय सम्मान जैसा माहौल था। देश के मौजूदा और पूर्व क्रिकेटर्स अपने इस साथी को कंधा देने के लिए कतार में खड़े थे। जैसे ही शापूर का ताबूत सामने आया, कप्तान राशिद खान खुद को संभाल नहीं पाए और घुटनों के बल बैठकर रोने लगे। मोहम्मद नबी, मुजीब उर रहमान और टीम के अन्य वरिष्ठ खिलाड़ियों ने नम आंखों से अपने उस साथी को विदा किया, जिसने कभी विपरीत हालातों में भी देश का झंडा झुकने नहीं दिया था।
2015 वर्ल्ड कप का वो ऐतिहासिक पल जो हमेशा अमर रहेगा
शापूर जारदान का नाम आते ही हर क्रिकेट प्रेमी के जेहन में साल 2015 के वनडे वर्ल्ड कप की वो ऐतिहासिक तस्वीर घूम जाती है। स्कॉटलैंड के खिलाफ मैच में जब अफगानिस्तान हार की कगार पर था, तब शापूर जारदान ने आखिरी ओवरों में सूझबूझ से बल्लेबाजी करते हुए चौका जड़कर अफगानिस्तान को वर्ल्ड कप इतिहास की सबसे पहली जीत दिलाई थी। जीत के बाद हवा में छलांग लगाते और अपने लंबे बालों को लहराते हुए शापूर का वो जश्न आज भी हर अफगानी नागरिक के दिल में जिंदा है। उन्होंने देश के लिए 44 वनडे और 36 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जिसमें उन्होंने अपनी रफ्तार और जज्बे से दुनिया भर के बल्लेबाजों को परेशान किया।
क्रिकेट जगत में शोक की लहर
शापूर जारदान के इस तरह अचानक चले जाने से न सिर्फ अफगानिस्तान बल्कि भारत, पाकिस्तान और दुनिया भर के क्रिकेट फैंस और दिग्गजों ने शोक व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर राशिद खान ने एक बेहद भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि उन्होंने न सिर्फ एक बेहतरीन खिलाड़ी बल्कि अपना एक बड़ा भाई खो दिया है। मैदान पर हमेशा मुस्कुराने वाले और जोश से भरे रहने वाले शापूर की यह अंतिम यात्रा खेल जगत के सबसे दुखद पलों में से एक बनकर दर्ज हो गई है।