मणिकर्णिका घाट की दूसरी सच्चाई, जो अखिलेश और खड़गे ने नहीं बताई, सिर्फ सनातानियों को भड़काया!

Abhishek Chaturvedi 17 Jan 2026 01:47: AM 3 Mins
मणिकर्णिका घाट की दूसरी सच्चाई, जो अखिलेश और खड़गे ने नहीं बताई, सिर्फ सनातानियों को भड़काया!

Manikarnika Ghat: कहते हैं तस्वीरें झूठ नहीं बोलती, पर तस्वीरों में जब अपने शब्द लिख दिए जाएं तो वो लोगों की भावनाएं भी भड़का देती हैं... और वाराणसी की मणिकर्णिका घाट के नाम पर इन दिनों यही खेल चल रहा है... जिसे देखो वो कुछ तस्वीरें दिखाकर काशी की संस्कृति नष्ट होने, प्राचीन विरासतों का विनाश होने की बात कर रहा है, जबकि सच्चाई इसके ठीक उलट है... इसका पता विपक्षी पार्टी के नेताओं को अपने सोशल मीडिया पोस्ट से भी चल रहा है, जिसमें वो झूठ फैला रहे हैं...

ये हैं कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जो तीन चार फोटो और एक वीडियो पोस्ट करते सरकार पर निशाना साधते हैं...USE KHARGE SS.... जिसका जवाब उनके ही कमेंट सेक्शन में एक यूजर ने दिया और लिखा- ''खड़गे जी, काशी का कायाकल्प देख आपका बौखलाना जायज है पर आपके झूठे पोस्ट से हकीकत ना बदल सकती है और ना छिप सकती है. काशी अब खास है और विकसित है.

कुछ ऐसा ही हाल सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव का भी हुआ, USE SSS  चंदन नाम के यूजर ने उनके पोस्ट के कमेंट में लिखा, '' यदमुल्लों का हिंदू धर्म, देवी देवताओं, महापुरुषों, धर्मग्रंथों पर ज्ञान, सलाह, वैसा ही है जैसा कोई गिद्ध शाकाहार पर प्रवचन दे रहा हो. जिनके पुरखों ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाई, और बेशर्मी से कहा कि जरूरत पड़ती तो और साधु संतों की हत्या करने से वो पीछे नहीं हटते. जिन्होंने श्री काशी विश्वनाथ, अयोध्या, मथुरा जैसे पवित्र स्थानों को अछूत बनाने व उसे अपनी घटिया  तुष्टिकरण की राजनीति के लिए इस्तेमाल. किया वो आज आहत हैं.''

ऐसे कई और कमेंट इनके ही सोशल मीडिया प्रोफाइल पर हमें मिले, जिससे एक बात तो साफ है कि कांग्रेस की पुरानी गलती और अखिलेश का अपने पिता का दौर भारी पड़ रहा है... वो घाटों की सौंदर्यीकऱण में सनातन के अपमान का राग चाहे जितना भी अलाप लें, जनता उनके अतीत से अच्छी तरह वाकिफ है...

ये तो राजनीति की बात हुई, अब आप कहेंगे, तस्वीरें जो वायरल हो रही हैं, वो तो सच हैं... फिर इसमें झूठ फैलाने वाली बात कैसे हुई, तो इसे जानने के लिए  वाराणसी के डीएम सत्येन्द्र कुमार ने बताया, ''इन्होंने साफ कहा मणि हो या मूर्तियां... सबकुछ संरक्षित करवाकर रखा गया है, और पुनर्निर्माण के बाद उन्हें उसी रूप में दोबारा से स्थापित कर दिया जाएगा... जब नया घाट बनकर तैयार होगा तो वहां 25 मीटर ऊंची चिमनी लगाई जाएगी, जिससे चिता की रखा हवा के साथ उड़ जाए और आसपास रहने वाले लोगों के घरों में न जाए. शवों के स्नान के लिए पवित्र जलकुंड, अपशिष्ट ट्रॉलियां और मुंडन क्षेत्र बनेंगे. चारों तरफ से कवर दाह संस्कार क्षेत्र में पांच बर्थ बनेंगे. सर्विस एरिया, अपशिष्ट संग्रह की व्यवस्था, सीढ़ियां, वेटिंग एरिया, ग्राउंड फ्लोर पर रजिस्ट्रेशन रूम, खुले में दाह संस्कार के लिए 18 प्लेटफॉर्म बनेंगे. लकड़ी भंडारण क्षेत्र, वेटिंग हॉल और दो सामुदायिक शौचालय बनेगा. सबकुछ चुनार और जयपुर की पत्थरों से बनाया जाएगा.''

यानि अभी जैसे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद आप सीधा घाट से दर्शन करने मंदिर पहुंच जा रहे हैं, और काशी में हुए बदलाव की चर्चा दुनियाभर में हो रही है... ठीक वैसे ही मणिकर्णिका घाट का कायाकल्प होने के बाद उसकी तस्वीरें भी यही लोग शेयर करेंगे जो आज विरोध कर रहे हैं... हमारा काम है आपको सच्चाई से अवगत कराना, ताकि आप फर्जी प्रोपोगैंडा में न फंसे... और आप इन तस्वीरों पर क्या सोचते हैं, अपनी राय भी दें...

Akhilesh Yadav and Mallikarjun Kharge's tweets about Manikarnika Ghat

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