पहला चुनाव हारी, फिर भाई को जिताया, मायावती को दादा ने हराया, पोती योगी के सामने!

Abhishek Shandilya 27 Aug 2025 02:31: PM 3 Mins
पहला चुनाव हारी, फिर भाई को जिताया, मायावती को दादा ने हराया, पोती योगी के सामने!

नई दिल्ली: आख़िर इकरा हसन की सियासत नींव में ऐसा क्या है कि अखिलेश यादव उनका जन्मदिन इतना स्पेशल तरीके से मनाते हैं! उन्हें 100 रूपए का तोहफा देते हैं! उनका केक खुद डिंपल यादव से कटवाते हैं...सपा के सांसद ताली बजाते हैं...और खुद अखिलेश केक खाते हैं! योगी आदित्यनाथ से खुली चुनौती लेकर सियासत में एंट्री लेने वाली इकरा हसन की पूरी कहानी सुनिए! इकरा हसन या फिर जियाउर्रहमान बर्क?

अखिलेश यादव का मुस्लिम चेहरा कौन होगा? इसी तस्वीर में छिपी हैं पूरी सच्चाई! इकरा हसन के दादा अख़्तर हसन इंदिरा गांधी के जमाने में बड़े नेता हुआ करते थे! सियासत में आगे उनके परिवार ने विरासत संभाली! इकरा अपने ख़ानदान की पांचवीं नेता हैं जो सदन तक पहुंची! दादा का सियासी रूतबा इतना था कि मायावती को दो लाख वोटों से लोकसभा में चुनाव हरा दिया था! उसके बाद उनका परिवार सियासत में जम गया!

अख़्तर हसन के बेटे मुनव्वर हसन,लोकसभा,विधानसभा,राज्यसभा,विधानपरिषद में रहे

2008 में उनकी सड़क दुर्घटना में मौत हुई, उनकी पत्नी तबस्सुम कैराना सांसद बनीं!

मुनव्वर हसन और तबस्सुम हसन के बेटे नाहिद हसन 2014 में विधायक बन जाते हैं

अब तीसरी पीढ़ी के रूप में मुन्नवर हसन की बेटी इकरा हसन कैराना से सांसद बनीं हैं

यहां दो घटनाएं होती है, पहली घटना: इकरा साल 2016 में सपा की सरकार रहते एक चुनाव हार जाती हैं, दूसरी घटना योगी सरकार जब उनके बड़े भाई नाहिद हसन को जेल में डालती है! साल 2016 में अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे, इकरा हसन की उम्र कम थी, उन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा लेकिन मनीष चौहान ने उन्हें हरा दिया!

इसके बाद वो यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से इंटरनेशनल लॉ एंड पॉललिटक्स में मास्टर की डिग्री लेती हैं, पढ़ाई के दौरान ही लंदन से इकरा हसन ने मोदी सरकार का विरोध किया, CCA कानून का ऐसा विरोध जताया कि पंचायत चुनाव तक में हार का स्वाद चखने वाली इकरा का सांसद बनना तय हो जाता है!

नाहिद हसन को योगी सरकार में जेल होती है, साल 2022 का विधानसभा चुनाव था.

इकरा को अखिलेश यादव ने मिलने के लिए बुलाया, प्रचार की जिम्मेदारी सौंप दी थी

इकरा ने भाई हसन के लिए प्रचार किया, साल 2022 में वो बहन की मदद से जीते!

प्रचार का तरीका अखिलेश को भाया तो इकरा को लोकसभा में जाने का इशारा दिया!

नाहिद हसन का प्रचार कर खुद उन्हें जिताया, आज ऐसा वक्त है, सियासत से नाहिद हसन का चेहरा धीरे-धीरे गायब होने लगा है, इकरा हसन सपा में लोकसभा का चुनाव जीतकर न सिर्फ अखिलेश यादव के परिवार के करीब पहुंची, बल्कि अखिलेश की मुख्य टीम का हिस्सा भी बनीं! लेकिन इकरा हसन की सियासत का दूसरा एंगल भी देखना होगा!

इकरा हसन और जियाउर्रहमान बर्क दो मुस्लिम नेता पश्चिम UP में सपा को नए मिले हैं!

इकरा तीसरी पीढ़ी की नेता बनीं तो बर्क दादा की सीट पर सांसद बनकर संसद पहुंचे हैं!

अखिलेश यादव खुद दूसरी पीढ़ी के नेता हैं, पिता की विरासत को आगे बढ़ा यहां पहुंचे हैं!

नाहिद हसन पर कई आरोप लगे लेकिन इकरा हसन के दामन पर अब तक कोई दाग नहीं

सवाल ये है कि अखिलेश का मुस्लिम चेहरा कौन बनेगा? आज़म ख़ान का परिवार सियासत से दूर हो चुका है, या सपा से मोहभंग हो चुका है, अब इकरा और बर्क के बीच ही लड़ाई है! इकरा हसन को लेकर कहा जाता है कि उन्हें सपा चेहरा तैयार कर सकता है! जिस सियासी परिवार से वो आती हैं, उसकी अदावत बीजेपी और मायावती के साथ बनी रही! इकरा हसन लोकसभा की सांसद हैं! लेकिन ऐसा कहा जा रहा है कि वो विधानसभा में चुनाव लड़ेंगी, अखिलेश यादव की सरकार अगर बनी तो उनका नाम मंत्रिमण्डल में होगा! बीजेपी इकरा हसन के लिए ही अनुज चौधरी को तैयार कर रही हैं, ऐसा भी कहा जा रहा है.

जन्मदिन के मौके पर इकरा हसन को अखिलेश यादव ने सरप्राइज दिया, ठीक ऐसा ही सरप्राइज लोकसभा चुनाव में दिया था...जब इकरा को एक फोन गया, और कहा गया आपको अखिलेश यादव ने कैराना से चुनाव लड़वाने का आदेश दिया है! इकरा यहां तक पहुंच गई! लेकिन सियासत की डगर इतनी आसान नहीं है, क्योंकि इकरा के विरोधी योगी आदित्यनाथ हैं...जो महिलाओं को बहुत सम्मान तो करते हैं लेकिन विरोधियों को पस्त करने का कोई मौका नहीं छोड़ते है?

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