लखनऊ/कन्नौज: समाजवादी पार्टी के संसदीय क्षेत्र कन्नौज में PDA कार्यकर्ता सम्मेलन में भीड़ नहीं जुटने और कुर्सियां खाली रहने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पार्टी में बड़ा एक्शन हो गया है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कन्नौज की पूरी जिला इकाई को भंग कर दिया है. जिलाध्यक्ष समेत सभी पदाधिकारियों को पदों से मुक्त कर दिया गया.
रविवार को कन्नौज के सपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल की मौजूदगी में PDA सम्मेलन आयोजित किया गया था. स्टेज सजाया गया, सैकड़ों कुर्सियां लगाई गईं, लेकिन कार्यक्रम पूरी तरह फ्लॉप हो गया. मंच पर नेता और पदाधिकारी बैठे रहे, लेकिन सामने की कुर्सियां खाली पड़ी रहीं. जितने लोग मंच पर थे, उससे आधे भी कुर्सियों पर नहीं बैठे. यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड हुआ.
अखिलेश को लगा झटका
कन्नौज अखिलेश यादव और डिंपल यादव का पारंपरिक गढ़ माना जाता है. दोनों कई बार यहां से सांसद चुने गए हैं. अखिलेश अभी भी कन्नौज से ही सांसद हैं. ऐसे में यहां कार्यकर्ताओं का जुड़ाव अखिलेश से सीधे माना जाता है. प्रदेश अध्यक्ष के कार्यक्रम को हल्के में लेने और भीड़ न जुटाने पर पार्टी नेतृत्व नाराज हो गया. पार्टी सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव को यह बात भी अच्छी नहीं लगी कि उनकी अनुपस्थिति में प्रदेश अध्यक्ष की कोई हैसियत नहीं रह जाती. इसलिए उन्होंने सख्त संदेश देते हुए पूरी इकाई भंग कर दी.
पहले भी कई जिलों में हुई कार्रवाई
यह कोई पहली बार नहीं है जब अखिलेश यादव ने जिला इकाई भंग की हो. इससे पहले एटा और कासगंज की इकाइयों को भी भंग किया जा चुका है, जब वहां के नेताओं ने पार्टी दफ्तर में अखिलेश के सामने दबदबा दिखाने की कोशिश की थी. गोरखपुर में भी एक घटना के बाद इकाई भंग की गई थी, जहां पार्टी के ही एक ठाकुर नेता ने निषाद नेता को थप्पड़ मार दिया था.
भाजपा नेताओं ने कन्नौज के इस वीडियो को हाथों-हाथ लिया और कहा कि अखिलेश यादव के लिए PDA सिर्फ जुमला है, जबकि जनता उनके साथ है.
अखिलेश यादव लगातार जिलों में अनुशासन का संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं. अब देखना होगा कि कन्नौज में नई इकाई कब और कैसे गठित होती है.