काठमांडू: नेपाल में भीषण फ्लैश फ्लड के बाद मौतों का आंकड़ा शुक्रवार सुबह तक बढ़कर कम से कम 469 हो गया है. करीब 1,000 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनमें 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं. भारतीय अधिकारियों के अनुसार लगभग 290 भारतीय अभी भी लापता हैं. चीन के तिब्बत क्षेत्र में 3 लोगों की मौत हुई है और 558 लोग लापता हैं, जिनमें 260 विदेशी शामिल हैं.
सबसे बड़ी चिंता यह है कि नेपाल-चीन सीमा पर दो जगहों पर अवरोधक झीलें (बैरियर लेक) बन गई हैं. ग्यिरोंग बॉर्डर पोर्ट के पास बनी झील ओवरफ्लो हो रही है, जिसके चलते चीन ने बचाव अभियान अस्थायी रूप से रोक दिया है. दूसरी झील में अगले तीन दिनों में 50 लाख क्यूबिक मीटर पानी जमा होने का अनुमान है, जिससे दोबारा बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.
नेपाल में अब तक 2,523 लोगों को बचाया जा चुका है. 15 हेलीकॉप्टर तैनात हैं और 1,196 लोगों को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाला गया है. 13,295 सुरक्षाकर्मी रेस्क्यू में जुटे हैं. भारतीय पक्ष की राहत: तमिलनाडु के 21 निवासी सुरक्षित काठमांडू पहुंच गए हैं. महाराष्ट्र के रायगढ़ के 37 तीर्थयात्री चीन के सागा में सुरक्षित हैं.
त्रिशूली-1 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट साइट से 63 भारतीयों को बचाया गया है. एप्पल के सीईओ टिम कुक ने भी राहत और पुनर्निर्माण के लिए दान की घोषणा की है. नेपाल सरकार ने प्रभावित जिलों रसुवा, नुवाकोट और धादिंग को नकद सहायता दी है. बचाव और राहत अभियान चुनौतियों के बीच जारी है.