Questions over TVK-Congress Alliance: तमिलनाडु की राजनीति इन दिनों काफी गरम है. अभिनेता से नेता बने थलापति विजय जोसेफ की पार्टी तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल कर लिया है. सरकार बनाने के सबसे मजबूत दावेदार बन चुके विजय के लिए कांग्रेस का समर्थन अहम हो गया है. लेकिन इसी बीच एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होकर विवाद खड़ा कर रहा है.
15 साल पुराना वीडियो वायरल
2011 का यह वीडियो अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का है. दिल्ली के रामलीला मैदान में अन्ना के मंच पर विजय नजर आ रहे हैं. कुमार विश्वास उन्हें अन्ना हजारे से मिलवाते हैं. विजय अपने भाषण में अन्ना की तारीफ करते हुए कहते हैं कि बिना किसी राजनीतिक बैकग्राउंड के उन्होंने पूरे देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान छेड़ दिया.
जब रामलीला मैदान में अन्ना हजारे आंदोलन कर रहे थे तब उन्हें समर्थन देने के लिए विजय जोसेफ भी पहुंचे थे
— ????????Jitendra pratap singh???????? (@jpsin1) May 7, 2026
अन्ना हजारे का यह आंदोलन कांग्रेस के खिलाफ था
और आज विजय जोसेफ कांग्रेस की गोद में जाकर बैठ गए
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उस समय कांग्रेस-led UPA सरकार के खिलाफ देशभर में गुस्सा था और अन्ना आंदोलन ने इसे और भड़का दिया था. अब वही वीडियो बार-बार शेयर हो रहा है और लोग पूछ रहे हैं कि जो व्यक्ति कभी कांग्रेस के खिलाफ खड़े आंदोलन का समर्थन कर रहा था, आज उसी कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाने की तैयारी कैसे कर रहा है?
कांग्रेस के साथ गठजोड़ पर सवाल
चुनाव नतीजों के बाद TVK और कांग्रेस के बीच नजदीकियां तेजी से बढ़ी हैं. TVK ने 112 विधायकों के समर्थन का दावा किया है. कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. रागिनी नायक ने भी पुरानी तस्वीर शेयर कर दोनों के बीच पुराने संबंधों की बात कही. लेकिन विपक्ष और सोशल मीडिया यूजर्स इसे सत्ता की सुविधा बताते हुए तंज कस रहे हैं. सवाल उठ रहे हैं कि क्या कांग्रेस ने अपने लंबे समय के सहयोगी DMK को छोड़कर विजय के साथ सत्ता में हिस्सेदारी पाने का रास्ता चुना है? वहीं विजय पर भी आरोप है कि उनकी राजनीति अब उसी पारंपरिक सत्ता गठजोड़ का हिस्सा बनती जा रही है, जिसके खिलाफ उन्होंने कभी आवाज उठाई थी.
सिद्धांत बनाम सत्ता मे किसकी जीत?
कई लोग कह रहे हैं कि अन्ना आंदोलन के दौरान भ्रष्टाचार विरोधी छवि बनाने वाले विजय अब उसी सिस्टम के साथ समझौता कर रहे हैं. कुछ यूजर्स इसे “राजनीतिक मजबूरी” बता रहे हैं तो कुछ इसे “सिद्धांतों से समझौता” करार दे रहे हैं. फिलहाल तमिलनाडु में सरकार बनाने की कवायद तेज है. राज्यपाल का फैसला आने तक यह बहस और गर्म होती नजर आ रही है. विजय की बढ़ती लोकप्रियता और कांग्रेस के साथ उनका संभावित गठबंधन दोनों ही राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बने हुए हैं. पुराना वीडियो इस पूरे घटनाक्रम में राजनीतिक नैतिकता पर सवाल खड़ा कर रहा है.