अलीगढ़ : उत्तर प्रदेश अलीगढ़ में रंगदारी और धमकी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में लोअर डिवीजन क्लर्क के पद पर कार्यरत 45 वर्षीय हसमत हुसैन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोप है कि उसने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम का इस्तेमाल कर शहर के प्रतिष्ठित लोगों से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने की साजिश रची थी.
पुलिस के अनुसार, हसमत हुसैन ने 3 जून को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित डाकघर से स्पीड पोस्ट के जरिए कम से कम 8 लोगों को धमकी भरे पत्र भेजे. इनमें एक बड़े जौहरी, डॉक्टर, प्रोफेसर और AMU से जुड़े अन्य लोग शामिल थे। पत्र में खुद को लॉरेंस बिश्नोई बताते हुए QR कोड और ब्लॉकचेन एड्रेस दिया गया था तथा 7-8 जून तक 50 लाख रुपये या उससे अधिक रकम क्रिप्टोकरेंसी (USDT/बिटकॉइन) के जरिए भेजने की मांग की गई थी. पैसे न देने पर परिवार और बच्चों को जान से मारने की धमकी दी गई थी.
मामले का खुलासा तब हुआ जब एक प्रतिष्ठित जौहरी और एक डॉक्टर ने पुलिस से शिकायत की. जांच के दौरान पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और डाकघर के CCTV फुटेज खंगाले. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर हसमत हुसैन की पहचान हुई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. पुलिस के मुताबिक वह क्रिप्टो ट्रेडिंग में भारी नुकसान और लगभग 80 लाख से एक करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा हुआ था. इसी नुकसान की भरपाई के लिए उसने यह पूरी साजिश रची. आरोपी के पास से मोबाइल फोन और फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किया गया है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उसका लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कोई संबंध नहीं है.