Anil Vij vs SP Upasana Singh: हरियाणा के ऊर्जा, श्रम एवं परिवहन मंत्री अनिल विज और कैथल की एसपी उपासना सिंह के बीच शुक्रवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में तीखी नोकझोंक हुई. मामला एक पुलिसकर्मी को निलंबित करने को लेकर उठा, जिसने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी.
हरियाणा में कैबिनेट मंत्री अनिल विज और कैथल SP उपासना के बीच मंच पर ही जबरदस्त बहस हो रही है।
— Baliyan (@Baliyan_x) February 13, 2026
कार्यकर्ता की अफ़सर नहीं सुनते, इस पर UP में योगी सरकार के ख़िलाफ़ खूब चलाया जाता है।
पर यहाँ हरियाणा में तो स्वयं कैबिनट मंत्री है- नेताओ और अफसरों की टशन पुरानी रही है, ये चलती आई… pic.twitter.com/PLqxURJlHd
बैठक आरकेएसडी कॉलेज में अनिल विज की अध्यक्षता में चल रही थी. यहां तितरम गांव के निवासी संदीप मलिक ने शिकायत दर्ज कराई कि जमीन बेचने के बहाने कुरुक्षेत्र में तैनात एएसआई संदीप ने उनसे पैसे लिए थे, लेकिन अब वापस नहीं कर रहे हैं. मंत्री अनिल विज ने तुरंत कैथल एसपी उपासना को आदेश दिया कि एएसआई को सस्पेंड कर दिया जाए.
एसपी ने स्पष्ट किया कि आरोपी पुलिसकर्मी कुरुक्षेत्र जिले में पोस्टेड है, इसलिए उनके पास उसे निलंबित करने का अधिकार क्षेत्र नहीं है. उन्होंने कहा कि वे कुरुक्षेत्र एसपी या डीजीपी को पत्र लिखकर कार्रवाई की सिफारिश कर सकती हैं. इस जवाब पर अनिल विज भड़क उठे. उन्होंने कहा, "मैं कह रहा हूं सस्पेंड करो, तो करो!" और आगे कहा कि अगर पावर नहीं है तो मीटिंग से चले जाइए.
एसपी ने अपनी बात दोहराई कि नियमों के अनुसार कार्रवाई का अधिकार संबंधित जिले का है. बहस तेज होती गई, जिसे देखकर कैथल की डीसी अपराजिता ने बीच-बचाव किया और स्थिति को संभाला. अंत में एसपी उपासना ने मंत्री के निर्देश पर डीजीपी को पत्र लिखकर एएसआई के खिलाफ कार्रवाई की बात कही. यह घटना वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है.
बता दें कि अनिल विज के साथ पुलिस अधिकारियों की बहस कोई नई बात नहीं. पहले भी आईपीएस संगीता कालिया के साथ फतेहाबाद में ऐसी ही तीखी नोकझोंक हो चुकी है. फिलहाल, इस मामले में जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन अधिकार क्षेत्र को लेकर उठे विवाद ने प्रशासनिक नियमों पर नई बहस छेड़ दी है.