नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा के दौरान खुफिया ब्यूरो (IB) कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में पूर्व आम आदमी पार्टी (AAP) पार्षद ताहिर हुसैन की उम्रकैद की सजा को चुनौती देने वाली अपील दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वीकार कर ली है. बुधवार को अदालत ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है.
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह और न्यायमूर्ति विकास महाजन की पीठ ने ताहिर हुसैन की भूमिका से जुड़े रिकॉर्ड तलब करते हुए पुलिस से जवाब मांगा. ताहिर की ओर से अधिवक्ता राजीव मोहन ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को मुख्य रूप से एक प्रमुख अपराध के लिए दोषी ठहराया गया, जबकि अन्य अपराधों में सहायता और उकसावे के आरोप लगाए गए. उन्होंने निचली अदालत द्वारा एक अभियोजन गवाह के बयान को गलत तरीके से परखे जाने का भी जिक्र किया.
अगली सुनवाई 2 दिसंबर को
दिल्ली पुलिस की ओर से विशेष लोक अभियोजक रजत नायर ने कहा कि राज्य सरकार ताहिर की अपील के साथ अन्य दोषियों की अपीलों पर एक साथ बहस करना चाहती है. पीठ ने सभी संबंधित अपीलों को 2 दिसंबर को एक साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया. अदालत ने कहा कि इससे प्रत्येक आरोपी की भूमिका अलग-अलग निर्धारित करने में सुविधा होगी.
ताहिर हुसैन को कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत ने 31 जुलाई को उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इसी मामले में जावेद, अनस, नाजिम और कासिम समेत अन्य दोषियों को भी उम्रकैद की सजा हुई है. अंकित शर्मा का शव हिंसा के दौरान एक नाले से बरामद हुआ था. पोस्टमॉर्टम में उनके शरीर पर धारदार हथियार और भारी वस्तु से लगी 51 चोटों का उल्लेख था.