प्रयागराज: नोएडा मजदूर आंदोलन के दौरान हिंसा भड़काने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत निरुद्ध दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा और सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने उनके खिलाफ NSA के तहत की गई पूरी कार्यवाही रद्द कर दी है और निर्देश दिया है कि यदि किसी अन्य मामले में गिरफ्तारी उचित नहीं है तो उन्हें तत्काल रिहा कर दिया जाए.
न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की पीठ ने यह आदेश दिया. लाइव लॉ पोर्टल के अनुसार, कोर्ट ने सरकार से NSA निरुद्धि के आधार और साक्ष्य पेश करने को कहा था. उपलब्ध सामग्री पर विचार के बाद अदालत ने पाया कि NSA के तहत निरुद्ध करने के पर्याप्त आधार प्रस्तुत नहीं किए जा सके. आकृति को 5 लाख रुपए मुआवजा भी मिलेगा. हालांकि, आंदोलन से जुड़े अन्य मुकदमों में जमानत नहीं मिलने के कारण वे जेल में रह सकती हैं.
क्या है मामला?
आकृति चौधरी, पत्रकार सत्यम वर्मा समेत कई लोगों के खिलाफ नोएडा श्रमिक आंदोलन के दौरान हिंसा भड़काने, आगजनी और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप में केस दर्ज थे. पुलिस ने आकृति और सत्यम वर्मा पर NSA के तहत भी कार्रवाई की थी. आरोप था कि 13 अप्रैल को वेतन वृद्धि की मांग वाले प्रदर्शन में उन्होंने मजदूरों को भड़काया, जिसके बाद हिंसा हुई.
आकृति ने पहले सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. सुप्रीम कोर्ट ने सीधे जमानत देने के बजाय हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी. उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंसाल्विस और अधिवक्ता चार्ली प्रकाश ने पक्ष रखा.