बरेली : मथुरा स्थित श्री देहो बाबा आश्रम से जुड़े विवाद में एक नया मोड़ सामने आया है. आशुतोष ब्रह्मचारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने आश्रम और उससे जुड़े कुछ व्यक्तियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
वीडियो में आशुतोष ब्रह्मचारी स्वयं को आश्रम से जुड़ा बताते हुए दावा करते हैं कि आश्रम और गुरु परंपरा के खिलाफ लंबे समय से षड्यंत्र रचे गए. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पूर्व गुरु भाई रामचंद्र दास ने उन्हें गुमराह किया और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज कराए गए मामलों में दबाव बनाया. उनका यह भी कहना है कि पूरे प्रकरण में कुछ अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.
आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि उन्होंने मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र भेजकर पोत्रा कुंड स्थित आश्रम से जुड़े मामलों में फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और कब्जे की कोशिशों की जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करती है तो वह न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे. साथ ही उन्होंने अपने पास चैट, ऑडियो रिकॉर्डिंग और अन्य दस्तावेज होने का दावा करते हुए भविष्य में और खुलासे करने की बात कही है.
गौरतलब है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और आशुतोष ब्रह्मचारी से जुड़ा विवाद प्रयागराज के माघ मेला और महाकुंभ के दौरान सामने आए आरोपों के बाद चर्चा में आया था. आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया था कि मठ में रहने वाले कुछ नाबालिग बटुकों के साथ यौन उत्पीड़न हुआ. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रयागराज की विशेष पोक्सो अदालत ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था, जिसके बाद झूंसी थाना पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी.
वहीं, जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने इन आरोपों को उनकी और उनके उत्तराधिकारी की छवि धूमिल करने की साजिश बताया है. उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है, ताकि सच्चाई सामने आ सके.