नई दिल्ली: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अलग-अलग धर्मों के लोगों के बीच जमीन हस्तांतरण लोकर बड़ा निर्णय लिया है. उन्होंने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार अलग-अलग धर्मों के लोगों के बीच जमीन हस्तांतरण के आवेदनों की सख्त जांच करेगी. इसके लिए एक विशेष प्रक्रिया (SOP) बनाई गई है. इसके तहत असम पुलिस की स्पेशल ब्रांच गहन जांच करेगी.
इस दौरान यह जांची जाएगी कि जमीन हस्तांतरण में कोई धोखाधड़ी या गैरकानूनी काम तो नहीं हो रहा, खरीदार के पास पैसे का स्रोत क्या है, जमीन के स्थान पर सामाजिक संरचना पर क्या प्रभाव पड़ेगा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा कोई मुद्दा तो नहीं है?
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि अगर खरीदार और विक्रेता एक ही धर्म के हैं, तो यह प्रक्रिया लागू नहीं होगी. लेकिन अगर वे अलग-अलग धर्मों के हैं, तो इन सभी बिंदुओं की सख्ती से जांच होगी. यह नियम बाहरी NGOs पर भी लागू होगा जो असम में स्कूल या अस्पताल जैसी सुविधाओं के लिए जमीन खरीदना चाहते हैं. सीएम सरमा ने कहा कि असम जैसे संवेदनशील राज्य में जमीन हस्तांतरण को बहुत सावधानी से संभालना जरूरी है.
प्रधानमंत्री मोदी का असम दौरा
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 सितंबर को असम आएंगे. वे नुमालीगढ़ में एक बायो-रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे, जो बांस से 2G इथेनॉल बनाएगी. इस संयंत्र की लागत 4200 करोड़ रुपए है. इसके अलावा, मोदी नुमालीगढ़ में एक बैठक में भी हिस्सा लेंगे. इसके बाद, वे दारंग जिले के मंगलदोई जाएंगे, जहां वे कई महत्वपूर्ण परियोजना जैसे, गुवाहाटी का रिंग रोड, दारंग मेडिकल कॉलेज की आधारशिला रखेंगे. इसके बाद, प्रधानमंत्री गुवाहाटी लौटेंगे और असम सरकार द्वारा आयोजित भारत रत्न डॉ. भूपेन हजारिका की जन्मशती समारोह के उद्घाटन में शामिल होंगे.