अकोला: अकोला के कौलखेड इलाके में एक निजी स्कूल के कर्मचारी को कक्षा 4 से 7 तक की 10 छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जिससे छात्राओं की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गया है. आरोपी सहायक शिक्षक हेमंत चांदेकर को गुरुवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. बता दें कि पिछले साल अगस्त में बदलापुर के एक सह-शिक्षा विद्यालय के एक पुरुष सफाईकर्मी पर दो चार वर्षीय लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा था, जिससे पूरे राज्य में हंगामा मच गया था.
जब महिला स्कूल शिक्षिकाएं 3 मार्च से छह दिवसीय प्रशिक्षण पर गई हुई थीं, तब चांदेकर को स्कूल का कामकाज संभालने का जिम्मा सौंपा गया था. छात्राओं को पढ़ाने के दौरान उन पर आरोप है कि उन्होंने छात्राओं को गलत तरीके से छुआ. छात्राओं ने अपने माता-पिता को चांदेकर द्वारा "बुरे स्पर्श" के बारे में बताया. गुस्साए माता-पिता ने फिर मामले की सूचना स्कूल अधिकारियों को दी.
जब शिक्षक प्रशिक्षण से लौटे, तो उन्होंने देखा कि लड़कियां धीमी आवाज में बात कर रही थीं, जिससे वे घबरा गए. लड़कियों को समझाने के बाद उन्होंने झिझकते हुए अपनी आपबीती सुनाई. चांदेकर की घिनौनी हरकत के बारे में पता चलने पर शिक्षकों ने भी स्कूल प्रशासन को इसकी जानकारी दी, जिन्होंने तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन को इसकी सूचना दी. चाइल्ड हेल्पलाइन की समन्वयक हर्षाली गजभिये की शिकायत पर पुलिस ने चांदेकर के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया. अकोला शहर के एसीपी सतीश कुलकर्णी ने मीडिया से जानकारियां साझा की.
एसीपी सतीश कुलकर्णी कहा, "लड़कियों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है. आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसा जघन्य कृत्य करने की हिम्मत न कर सके." सूत्रों के अनुसार स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून और कड़ी निगरानी की जरूरत है. शिक्षकों की पृष्ठभूमि की सख्त जांच और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण अनिवार्य किया जाना चाहिए. शिक्षकों और अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत है, ताकि मासूम बच्चों के साथ ऐसा करने वालों को समय रहते पकड़ा जा सके.