नई दिल्ली: प्रसिद्ध शिक्षाविद और छात्रों के बीच ‘ओझा सर’ के नाम से लोकप्रिय अवध ओझा ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी की है. उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से जुड़े कांग्रेस नेताओं के बयानों और स्वतंत्रता दिवस समारोह से कांग्रेस की गैर-मौजूदगी पर सवाल उठाए.
अवध ओझा ने कहा कि विपक्ष के नेता का काम सिर्फ लोगों को हंसाना नहीं है. उन्हें देश को एक दिशा भी देनी होती है. उन्होंने कहा, “जेन-जी बहुत समझदार हैं. वे ऐसी बातों पर शायद थोड़ा हंसें, लेकिन गंभीरता से नहीं लेंगे. फिर यह कपिल शर्मा के शो जैसा हो जाएगा. कपिल शर्मा भी लोगों को हंसाते हैं. इसलिए विपक्ष के नेता को सिर्फ हंसाने का काम नहीं करना चाहिए.”
लालकिले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में कांग्रेस नेताओं की अनुपस्थिति पर ओझा सर ने कहा कि वे राहुल गांधी से थोड़ा असहमत हैं. उन्होंने कहा, “वैचारिक मतभेद दुश्मनी का कारण नहीं होने चाहिए. मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को लालकिले पर जरूर शामिल होना चाहिए था. यह देश का मामला है, किसी पार्टी का नहीं.”
पीएम नरेंद्र मोदी के दूसरे राष्ट्राध्यक्षों को गले लगाने को लेकर उन्होंने साफ कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है. कई देशों के नेता एक-दूसरे से गले मिलते हैं. ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के आम आदमी पार्टी से कथित कनेक्शन और जंतर-मंतर पर पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्दों के इस्तेमाल पर भी उन्होंने टिप्पणी की.
ओझा ने कहा कि उन्हें ऐसा कोई कनेक्शन नहीं लगता, हालांकि एएपी ने उन्हें समर्थन दिया है. उन्होंने फिल्मों में अभद्र भाषा के इस्तेमाल को भी युवाओं पर असर का कारण बताया. CJP के भविष्य पर उन्होंने कहा कि युवाओं का संगठन बनाना स्वागत योग्य है, लेकिन उन्हें अनुभवी लोगों का एक दिशा-निर्देशक मंडल जरूर बनाना चाहिए जो सही सलाह दे सके.