'पाकिस्तान जिंदाबाद' पर चुप, वंदे मातरम् पर इतनी बेचैनी क्यों? BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का सोनिया-राहुल गांधी पर बड़ा हमला

Rahul Jadaun 16 Aug 2026 04:03 PM 2 Mins
'पाकिस्तान जिंदाबाद' पर चुप, वंदे मातरम् पर इतनी बेचैनी क्यों? BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का सोनिया-राहुल गांधी पर बड़ा हमला

नई दिल्ली: 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के संपूर्ण गायन को लेकर शुरू हुआ सियासी घमासान लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी का यह रवैया 'दिमागी नक्सल' सोच वाले इकोसिस्टम की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब रैलियों में देश विरोधी नारे लगते हैं तब कांग्रेस चुप रहती है, लेकिन राष्ट्रगीत के बजने पर पार्टी नेतृत्व को असहजता क्यों होती है?

'हाथ के इशारे से रुकवाने की कोशिश की गई'

मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदीप भंडारी ने कहा कि जब पूरा देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, तब कांग्रेस मुख्यालय (इंदिरा भवन) में सोनिया गांधी ने हाथ से इशारा कर वंदे मातरम् को रुकवाने का प्रयास किया। जब गायन नहीं रुका, तो उन्होंने दोबारा वही इशारा किया।

भाजपा प्रवक्ता ने कड़े शब्दों में कहा, "जब कांग्रेस की रैलियों या समर्थकों की ओर से 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए जाते हैं, तब इनकी लीडरशिप में ऐसा आक्रोश या बेचैनी नहीं दिखती। लेकिन जब कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् का उद्घोष हुआ, तो सोनिया गांधी ऐसा व्यवहार करने लगीं जैसे कोई अपराध हो गया हो। कांग्रेस ने न केवल स्वतंत्रता सेनानियों बल्कि संविधान और देश के 140 करोड़ नागरिकों का अपमान किया है। इनके दिल देश के लिए नहीं, बल्कि चरमपंथी ताकतों के लिए धड़कते हैं। कांग्रेस नेतृत्व को 24 घंटे के भीतर देश से माफी मांगनी चाहिए।'

संसद के नए संशोधन कानून का दिया हवाला

प्रदीप भंडारी ने कानूनी संदर्भ देते हुए कहा कि संसद द्वारा 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971' (Prevention of Insults to National Honour Act) में संशोधन कर 'वंदे मातरम्' को पूर्ण राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया गया है। इस कानून की धारा 3 के तहत राष्ट्रीय गीत का जानबूझकर अनादर या विरोध करना कानूनन दंडनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति के चलते इस कानूनी मर्यादा का भी उल्लंघन किया है।

चिदंबरम के बयान और केरल के घटनाक्रम पर भी घेरा

प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम की टिप्पणी और केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि जो मानसिकता दिल्ली में दिखी, वही केरल में भी देखने को मिली जहां आधिकारिक कार्यक्रम से वंदे मातरम् को स्किप करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जयराम रमेश द्वारा 'खड़गे जी के लिए कुर्सी मंगाने' की दी गई सफाई पूरी तरह झूठ और लीपापोती है।

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