नई दिल्ली: 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के संपूर्ण गायन को लेकर शुरू हुआ सियासी घमासान लगातार तूल पकड़ता जा रहा है।
मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदीप भंडारी ने कहा कि जब पूरा देश 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, तब कांग्रेस मुख्यालय (इंदिरा भवन) में सोनिया गांधी ने हाथ से इशारा कर वंदे मातरम् को रुकवाने का प्रयास किया।
भाजपा प्रवक्ता ने कड़े शब्दों में कहा, "जब कांग्रेस की रैलियों या समर्थकों की ओर से 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे लगाए जाते हैं, तब इनकी लीडरशिप में ऐसा आक्रोश या बेचैनी नहीं दिखती। लेकिन जब कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् का उद्घोष हुआ, तो सोनिया गांधी ऐसा व्यवहार करने लगीं जैसे कोई अपराध हो गया हो। कांग्रेस ने न केवल स्वतंत्रता सेनानियों बल्कि संविधान और देश के 140 करोड़ नागरिकों का अपमान किया है। इनके दिल देश के लिए नहीं, बल्कि चरमपंथी ताकतों के लिए धड़कते हैं। कांग्रेस नेतृत्व को 24 घंटे के भीतर देश से माफी मांगनी चाहिए।'
प्रदीप भंडारी ने कानूनी संदर्भ देते हुए कहा कि संसद द्वारा 'राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971' (Prevention of Insults to National Honour Act) में संशोधन कर 'वंदे मातरम्' को पूर्ण राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया गया है।
प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी.