हैदराबाद/नई दिल्ली: तेलुगु अभिनेत्री फरिया अब्दुल्ला को हैदराबाद में हिंदू त्योहार बोनालु में शामिल होने के बाद सोशल मीडिया पर भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा. इस पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने उनका खुलकर बचाव किया है. 9 अगस्त को फरिया अब्दुल्ला हैदराबाद के पुराने शहर स्थित श्री सिंहवाहिनी महाकाली मंदिर में आयोजित बोनालु समारोह में शामिल हुईं.
उन्होंने सिर पर पारंपरिक बोनम लेकर शोभायात्रा में हिस्सा लिया. वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने उनकी धार्मिक आस्था पर सवाल उठाए और उन्हें ‘काफिर’ तक कहा. VHP प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस ट्रोलिंग पर कहा, “जो लोग देश की परंपराओं और वंदे मातरम् को स्वीकार नहीं करते, वे किसी मुस्लिम अभिनेत्री के हिंदू त्योहार में शामिल होने को कैसे स्वीकार करेंगे.
भारत बदल रहा है. कट्टर सोच के साथ लंबे समय तक काम नहीं किया जा सकता.” उन्होंने महिलाओं का सम्मान करने की अपील करते हुए कहा, “काफिर हो गई तो क्या हुआ, मार दोगे क्या? आखिर काफिर होने की सजा क्या है?” विश्व हिंदू रक्षा परिषद की राष्ट्रीय महिला अध्यक्ष यमुना पाठक ने भी ट्रोलिंग की कड़ी निंदा की.
उन्होंने इसे दुर्भावनापूर्ण बताया और संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21 व 25 का हवाला देते हुए कहा कि हर नागरिक को अपनी आस्था और धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार है. ट्रोलिंग के बीच फरिया अब्दुल्ला ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो शेयर किया.
उन्होंने बताया कि उनके पिता हिंदू परिवार में जन्मे थे और बाद में इस्लाम अपनाया, जबकि मां मुस्लिम परिवार से हैं और हिंदू आध्यात्मिकता में रुचि रखती हैं. फरिया ने कहा कि वह नफरत का जवाब नफरत से नहीं देंगी. वह प्रेम, एकता और शांति के लिए प्रार्थना करती रहेंगी, यही उनकी बगावत है. फरिया का यह रुख और VHP का बचाव अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.