IPS Anshika Verma : बरेली में बच्चा चोरी और नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में पुलिस को बड़ी सफलता तब मिली जब आईपीएस अधिकारी अंशिका वर्मा ने ग्राहक बनकर पूरे गैंग तक पहुंच बनाई. पुलिस के अनुसार, अधिकारी ने गिरोह के सदस्यों से संपर्क कर अपने लिए एक बच्चे की आवश्यकता होने की बात कही, जिसके बाद गैंग ने पांच लाख रुपये में बच्चा उपलब्ध कराने का सौदा तय कर लिया.
जांच के दौरान सामने आया कि यह गिरोह नवजात और छोटे बच्चों की चोरी कर उन्हें अलग-अलग राज्यों में बेचने का काम करता था. मामले का खुलासा डेढ़ साल के मासूम ऋषभ की बरामदगी के बाद हुआ. पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आईं, जिनके आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंच बनाई गई.
पुलिस ने इस मामले में पश्चिम बंगाल निवासी डॉक्टर संजय कुमार को गिरोह का सरगना बताते हुए गिरफ्तार किया है, इसके अलावा डॉ. केशव राम और नर्स सीता को भी हिरासत में लिया गया है. पुलिस का दावा है कि गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और नवजात बच्चों को 5 लाख से 10 लाख रुपये तक में बेचता था.
मामले में पहले गिरफ्तार किए गए पवन और अमित, जो पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए थे, उनसे हुई पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क की जानकारी मिली. जांच एजेंसियों को आशंका है कि गिरोह ने कई बच्चों की चोरी कर उन्हें विभिन्न लोगों को बेचा है.
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी आरोपों की गहन जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.